चुनार राजकीय महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा कोविड 19 पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में प्रति?
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चुनार। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्कृत विभाग की ओर से शुक्रवार को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। ‘कोविड-19 के परिदृश्य में योग आयुर्वेद एवं वैदिक जीवन दर्शन की सामयिकता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में लाकडाउन के सकारात्मक पक्ष पर चर्चा हुई।मुख्य अतिथि उप्र संस्कृत संस्थान लखनऊ के अध्यक्ष डॉ वाचस्पति मिश्र ने कहा कि कोविड-19 यद्यपि एक वैश्विक महामारी है किंतु इसमें जो लॉकडाउन किया गया। उसके कुछ सकारात्मक पक्ष भी सामने आए जैसे ओजोन परत में सुधार हुआ और हमारा पर्यावरण, नदियां और विविध प्रकार के प्रदूषण में सकारात्मक बदलाव देखे गये । कहा कि योग आयुर्वेद की पद्धति अपनाकर कोरोना से मुक्ति पाई जा सकती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो उमाकांत यादव ने बताया कि योग के आठ अंगको अपना करके हम इस महामारी को मात दे सकते हैं। बीएचयू के वेद विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उपेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि प्राचीन वैदिक जीवन प्रणाली अपनाने से जीवन में किसी प्रकार का संकट नहीं आ सकता। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामसुमेर यादव ने कहा कि आहार-विहार के नियम का पालन कर हम निरोग रहें।
अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ब्रह्मदेव और संयोजक संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ प्रभात कुमार सिंह ने संचालन किया। वेबिनार का सार संक्षेप डॉ राजेंद्र कुमार एवं धन्यवाद डॉ शेफालिका राय ने किया। इस दौरान ऑनलाइन जूम मीटिंग एप के जरिए 400 प्रतिभागी जुड़े थे। इसके अतिरिक्त यूट्यूब चैनल फेसबुक के माध्यम से भी प्रतिभागी ऑनलाइन प्रतिभाग किया।