मिर्जापुर। आंधी और बारिश के बाद चरमराई बिजली व्यवस्था ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा दिया है। जिले में 809 ग्राम पंचायतों को मिलाकर कुल 274 ओवरहेड टैंकों में 30 फीसदी टैंक बिजली आपूर्ति बाधित होने से शोपीस बने हुए हैं।
जल जीवन मिशन की पानी सप्लाई चार दिनों से ठप होने के कारण सिटी, पहाड़ी, छानबे, कोन, जमालपुर, नरायनपुर, मझवां और सीखड़ ब्लॉक को मिलाकर एक लाख से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि कुछ क्षेत्रों में ग्रामीण चार से पांच किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। सिटी ब्लॉक क्षेत्र में चरमराई विद्युत व्यवस्था से महेवा, खजुरी, अनंतरामपट्टी, अघौली, अर्जुनपुर, धनीपट्टी, लच्छापट्टी, चेरुईराम, देवापुर, दुल्लहपुर, राजपुर, मिश्रलहौली, पथरा, वीरशाहपुर, बढ़ौली, सिनहरकला, परवाराजधर सहित अन्य गांवों में ग्रामीण पीने के पानी के लिए परेशान हैं।
पटेहरा कला क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप होने से जल जीवन मिशन की योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। फारम गांव समेत कई इलाकों में लोग नहर, ब्लॉक परिसर और नर्सरी से पानी लाते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम की लापरवाही से चौथे दिन भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
अधिकारियों और कर्मचारियों के फोन तक नहीं उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी में एक बिजली का खंभा टूट गया था, जिसे खड़ा करने में बिजली निगम को चार दिन लग गए। जल जीवन मिशन के ऑपरेशन हेड कौशन तिवारी ने बताया कि मेन फिल्टर प्लांट की बिजली आपूर्ति बंद होने से पानी सप्लाई बाधित है। बिजली आपूर्ति बहाल होते ही सभी ओवरहेड टैंकों से पानी की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।