हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं प्रदूषण विभाग की टीम ने शहर कोतवाली क्षेत्र के कदमतर मुहल्ले में स्थित दो पीतल के कारखानों को गुुरुवार को सील कर दिया। सील किए गए दोनों कारखानों के मालिकों पर आरोप है कि इसके संचालन से मानक से ज्यादा ध्वनि एवं वायु प्रदूषण हो रहा है जिससे मोहल्ले में लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि गत दिनों कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि शहर कोतवाली क्षेत्र के कदमतर स्थित दो पीतल के कारखानों से इलाके में काफी प्रदूषण फैल रहा है। जिसकी जांच की जा रही थी। इसी बीच एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने समस्त व्यवसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों जिनमें आवासीय क्षेत्र में चल रही प्रदूषणकारी इकाइयां भी सम्मलित हैं उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने उन्हें आवासीय क्षेत्र से तुरंत बाहर स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। जिसपर हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों कारखानों की जांच की जाए अगर जांच में दोनों कारखानों द्वारा प्रदूषण फैलाया जा रहा है तो उन्हें तत्काल बंद करा दिया। जिसके बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने इसकी जांच करने के लिए पांच सदस्यीय एक टीम गठित की।
गठित टीम में नगर मजिस्ट्रेट, सीओ नगर, जिला उद्योग अधिकारी, जिला पूर्ति निरीक्षक और कालिका सिंह शामिल हैं। टीम ने जांच की तो पाया कि दोनों कारखानों द्वारा ध्वनि एवं वायु प्रदूषण दोनों फैलाए जा रहे हैं। जांच में प्रदूषण फैलाने की जानकारी होने पर दोनों कारखानों को गुुरुवार की दोपहर सील कर दिया गया। सील किए गए कारखानों में बालाजी रोलिंग कारखाना तथा राधेश्याम पीतल कारखाना शामिल है।