मिर्जापुर। हजरत हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम की दसवीं तारीख रविवार को जिले भर में ताजिया के जुलूस निकाले गए। नौंवी तारीख पर 586 इमाम चौक पर बैठाए गए ताजियों को कर्बला में दफन किया गया। रास्ते में लोग मातम करते हुए चल रहे थे। इस दौरान या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं।
नगर के रामबाग, तरकापुर समेत विभिन्न जगहों पर बैठाए गए ताजिये रविवार को जुलूस के साथ निकाले गए। इस दौरान लोग मातम करते हुए चल रहे थे। पूरे नगर में जगह-जगह ताजियादारों के लिए अंजुमनों की ओर से पानी और शर्बत की व्यवस्था की गई थी। नगर के इमामबाड़ा स्थित कर्बला में 73 ताजिये दफन किए गए। सिटी मजिस्ट्रेट विनीत उपाध्याय ने बताया कि इनमें से 72 ताजिये नगर और एक ताजिया देहात कोतवाली क्षेत्र का था। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों लगातार चक्रमण करते रहे। वहीं, इमामबाड़ा पर भी एसडीएम गुलाबचंद्र, सीओ सदर अमर बहादुर आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुरक्षा के बीच निकाले गए जुलूस
मिर्जापुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ताजिया के जुलूस निकाले गए। इसके बाद कर्बला में उन्हें दफन किया गया। चुनार: नगर के गंगेश्वरनाथ मुहल्ला स्थित प्राइमरी स्कूल के पास चौराहे पर सभी ताजिये इकट्ठा हुए और वहां अखाड़ेदारों ने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। दोपहर बाद नबाब साहब के बाड़े से शिया समुदाय के लोगों ने दुलदुल का जुलूस निकाला। इसके बाद करबला में ताजिया दफन किए गए। हलिया क्षेत्र में 16 जगहों ताजिया के जुलूस निकाले गए। एसडीएम संजीव कुमार व सीओ अशोक कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। लालगंज क्षेत्र में 25 जगहों से ताजिया के जुलूस निकले। पड़री थाना क्षेत्र में 24 और नरायनपुर में 50 से ज्यादा गांवों से ताजिया के जुलूस निकले। बरईपुर कर्बला पर पुलिस के साथ पीएसी भी लगाई गई थी। जमुई: क्षेत्र में सुकुलपुरा, भरेहठा, रामसरोवर, जमुहार व नुआंव से निकाले गए ताजिया कर्बला में दफन हुए। शेरवां: क्षेत्र में 25 ताजिया निकाले गए और डाक चौकी के पास कर्बला में दफ़न किए गए। कछवां क्षेत्र में 30 जगहों से ताजिया के जुलूस निकले और ईदगाह स्थित कर्बला में ठंडे किए गए। जमालपुर क्षेत्र में 48 जगहों से ताजिया के जुलूस निकाले गए।
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इन गांवों में हिंदू बनाते हैं ताजिया
जिगना। छानबे ब्लॉक के कुछ गांवाें में हिंदू ताजिया बनाते हैं। लोग इसे गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल कहते हैं। क्षेत्र के गोनौरा, बिहसडा बाजार और बाबू सर्रोई में हिंदू ताजिया बनाते हैं। संवाद