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जिले में मात्र 16 घंटे का बचा है आक्सीजन, स्थित गंभीर

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मिर्जापुर। जिले के अस्पतालों पर भी अक्सीजन का संकट मंडराने लगा है। एक तरफ आक्सीजन की सप्लाई नहीं हो रही है तो वहीं अस्पतालों में आक्सीजन का स्टाक खत्म होने के कगार पर है। आक्सीजन की आपूर्ति में देरी हुई तो बृहस्पतिवार को स्थिति गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। पूरे दिन प्रशासनिक अधिकारी आक्सीजन की आपूर्ति के लिए जी जान से जुटे रहे। जिले के मंडलीय अस्पताल, कोविड के एल-टू अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में बुधवार की शाम तक मात्र 16 घंटे का आक्सीजन बचा हुआ है। इन अस्पतालों को आक्सीजन सप्लाई करने वाली काव्या इंड्रस्टी लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति न होने से आक्सीजन नहीं बना पा रही है। अगर समय रहते आक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो सकी तो बृहस्पतिवार के दिन जिले में भर्ती कोविड मरीजों के लिए समस्या पैदा हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि देर रात तक लिक्विड आक्सीजन आ सकता है।
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नगर के बरौधा स्थित काव्या इंड्रस्टी आक्सीजन का निर्माण करती है। इंड्रस्टी से जिले के मंडलीय अस्पताल, कोविड के एल-टू और जिले के अन्य अस्पतालों के साथ सोनभद्र, भदोही यहां तक कि वाराणसी में भी आक्सीजन की सप्लाई होती है। इस समय मंडलीय अस्पताल में 35 बड़े सिलेंडर भरे हुए रखे है। प्रतिदिन 20 से 25 सिलेंडर की खपत होती है। खाली सिलेंडर को भेज दिया गया है। एल-टू में भी 70 बड़े सिलेंडर है। 11 निजी कोविड केयर अस्पताल में तो बुधवार से आक्सीजन की किल्लत हो गई थी। बताया जा रहा है कि काव्या इंड्रस्टी कच्चा माल न मिलने के कारण आक्सीजन का निर्माण नहीं कर पा रही है। बोकारो से लिक्विड आक्सीजन आता है। उससे उसे गैस के रुप में परिवर्तित किया जाता है। लिक्विड आक्सीजन न आने के कारण आक्सीजन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सूत्रों की माने तो 16 घंटे का ही आक्सीजन बचा है। आक्सीजन खत्म होने पर कोविड मरीजों की समस्या बढ़ सकती है। आक्सीजन की समस्या को लेकर आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र, डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, सीएमओ डॉ. पीडी गुप्ता ने बैठक की। लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैँ। सबकुछ ठीक रहा तो अस्पतालों को समय रहते आक्सीजन मिल जाएगी।
सोनभद्र में शुरू होगा आक्सीजन उत्पादन का पुराना प्लांट
- कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि सोनभद्र के एक पुराने आक्सीजन प्लांट को चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। 48 से 50 घंटे में आक्सीजन की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद है। वहां एसडीएम की ड्यूटी लगाई गई है जिससे प्लांट को जल्द से जल्द व व्यवस्थित तरीके से उसे शुरू किया जा सके।
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