लालगंज। मिर्जापुर रीवा राजमार्ग सात पर तुलसी गांव के समीप निर्माणाधीन फोरलेन पर ग्रेडर की चपेट में आने से श्रमिक की मौत हो गई। मौत की खबर मिलने पर पहुंचे परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र के गरन गांव निवासी 19 वर्षीय रजनीश शर्मा डीबीएल कम्पनी की ओर से कराए जा रहे कार्य में मजदूरी करता था। इसी दौरान ग्रेडर की चपेट में आने से वह घायल हो गया। मंडलीय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने घटना को छिपाने की भी कोशिश की। कंपनी ने मौके से सभी कर्मचारियों को हटा दिया। लेकिन मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने मजदूर के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जाम लगते ही सड़क के दोनों पटरियों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज लहंगपुर पहुंचे और परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया। डीबीएल कंपनी का कोई उच्चाधिकारी पीड़ित परिजनों को आश्वासन देने नहीं पहुंचा। इससे नाराज परिजनों ने दोबारा सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शन और जाम की सूचना मिलने पर मौके पर चौकी प्रभारी मनोज पांडेय ने लहंगपुर पहुंच कर किसी तरह जाम हटवाया। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। अविवाहित रजनीश चार भाइयों में सबसे छोटा है। पिता कमला शंकर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। कोतवाल सुभाष राय का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
50 हजार की मिली आर्थिक सहायता
लालगंज। थाना क्षेत्र के तुलसी गांव के सामने ग्रेडर से हुई श्रमिक मौत के बाद परिजनों ने डीबीएल कंपनी से मुआवजा और परिवार के एक सदस्य की नौकरी की मांग को लेकर जाम लगाया था। श्रमिक की मौत के बाद मदद को पहुंचे वरिष्ठ प्रबंधक ने परिजनों को 50 हजार नगद दियसा। मुआवजा के तहत कंपनी नियम से मदद देने का आश्वासन दिया। मृतक के पिता के मुताबिक परिवार में रजनीश ही कमाने वाला था। उसकी मौंत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ ला दिया है। परिवार के सामने भरण पोषण का संकट है। घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंचे कंपनी के वरिष्ठ मैनेजर संजीव सिंह ने कहा कि कंपनी के कंपनसेशन नियम के आधार पर जो विधिक सहायता देने की बात कही।
एक माह में हुई दूसरी मौत, पहले भी गई है कई जानें
लालगंज। निर्माणाधीन फोरलेन सड़क राजमार्ग सात की कार्यदायी संस्था डीबीएल कंपनी की लापरवाही के चलते माहभर में दो श्रमिकों की मौत हो चुकी है। दोनों घटनाओं में कार्यदायी संस्था पर लापरवाही का आरोप लगा था। इससे पहले भी अन्य थाना क्षेत्रों में कंपनी के डंपर से हादसे में जान जा चुकी है। लालगंज के पतुलकी में बनाए जा रहे ओवर ब्रिज के पैनल गिरने से जहां बालिका पारो की मौत हुई थी। तुलसी गांव में ओवरब्रिज में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर की दुर्घटना में मौत ने सवाल खड़े किए है। निर्माण कार्य के दौरान हो रहे दुर्घटना कारणों पड़ताल किए जाने की मांग बढ़ती जा रही है। लापरवाही कार्यदायी संस्था के सुरक्षा प्रबंध सवाल खड़े कर रही है।