विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी के दरबार में मंगलवार को भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गंगा घाट से गलियों और मंदिर तक कतारें लगी रहीं। मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ तो शयन आरती तक चलता रहा। मंदिर के कपाट बंद होने तक करीब डेढ़ लाख भक्तों ने मां के दर्शन किए।।
किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में जाकर मां विंध्यवासिनी का विधि विधान पूर्वक दर्शन पूजन किया। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद देवी भक्तों ने मंदिर परिसर में विराजमान मां काली, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, मां दुर्गा व राधा कृष्ण सहित अन्य देवताओं के मंदिरों में पहुंचकर आस्था के शीश नवाए। द्वादशी तिथि पर अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान महाकाली, मां अष्टभुजी देवी एवं तारा मंदिरों में भी दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कराए गए थे। श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि फागुन शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि पर करीब डेढ़ लाख भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया।