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चौथे दिन 16 छात्राओं की तबीयत हुई खराब

Mon, 06 Feb 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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घर लौट रहे बच्चे
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नवोदय विद्यालय में चौथे दिन एक साथ 16 छात्राओं के बीमार होने से एक बार फिर विद्यालय में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी होने पर पटेहरा पीएचसी की टीम पहुंची और बीमार छात्राओं का इलाज किया। बता दें कि एक फरवरी को चरणामृत और भोजन खाने से 90 छात्र छात्राएं बीमार हो गए थे। जिनको सीएचसी मड़िहान व जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। दूसरे दिन दो छात्राएं बीमार हो गई। जिनका इलाज जिला चिकित्सालय में चला। तीसरे दिन भी दो और विद्यार्थई बीमार हो गए। मामला अभी थमा नहीं था कि चौथे दिन 16 और छात्राओं के बीमार होने से स्कूल प्रशासन सकते में आ गया। सभी फूडप्वाइजनिंग का शिकार हो रहे हैं। 
चौथे दिन रविवार को रूटीन चेकिंग के दौरान 16 छात्र छात्राएं और बीमार पाए गए। एक साथ इतने छात्र छात्राओं के बीमार होने की खबर लगते ही विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टरों को बुलाकर उनका इलाज कराया गया। लापरवाह प्रशासन के चलते बीमार बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा है। यही वजह है कि मामले की जानकारी होने पर छात्र छात्राओं के अभिभावक किसी अनहोनी के डर से बच्चों को घर ले जा रहे है। उनका कहना कि बच्चों के पूरी तरह स्वस्थ्य होने के बाद ही अपने बच्चों को विद्यालय भेजेंगे। अधिकांश लोगों ने विद्यालय प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूत्रों की माने तो सर्तकता नहीं बरती जा रही है इस वजह से  धीरे धीरे सभी छात्र छात्राएं बीमारी की जद में आ रही है।  
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  । केंद्रीय व लखनऊ की टीम नवोदय विद्यालय में बीमार छात्र छात्राओं के मामले की जांच कर रविवार को वापस लौट गई। बताते हैं टीम को जांच के दौरान काफी गड़बड़ी मिली है। इससे आशंका जताई जा रही है विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही से कार्य करने के आरोप में गाज गिर सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य महानिदेशालय टीम के डाक्टर राजेश साहू ईआईएस, एनटीडीसी, डा. विपिन कुमार स्वास्थ्य महानिदेशालय लखनऊ  तथा डा. राजेश सिंह लखनऊ की दो टीम पटेहरा पहुंची। दो दिनों तक जांच की। रविवार को टीम ने एक बार फिर विद्यालय में पूरे दिन अध्यापक, छात्र छात्राओं से पूछताछ की। छात्र छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन को चेक किया। दूध की मात्रा देखी, पेयजल का सैंपल लिया। इसके बाद उनके रहने तथा पढ़ने वाले कक्ष को देखा। टीम शाम को वापस लौट गई।
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