फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुप्त नवरात्र के पहले दिन मां विंध्यवासिनी मंदिर में उमड़े भक्त

विज्ञापन
विज्ञापन
आषाढ़ मास में गुप्त नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को विंध्याचल दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सर्वार्थ सिद्धि योग में गंगा स्नान के बाद देवी दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े ही भक्ति भाव से मां विंध्यवासिनी की आराधना की।
विज्ञापन

तंत्र साधना के लिए अष्टभुजा पहाड़ की गुफाओं और कंदराओं में साधकों का जमघट लगा रहा। मंदिर की छत पर बड़ी संख्या में साधक दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने में तल्लीन नजर आए। सुबह से देर रात तक मां विंध्यवासिनी के जय जयकार से संपूर्ण मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। गंगा घाटों पर स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे भक्तों ने बड़े ही श्रद्धा भाव से मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर मंगल कामना की। विंध्याचल मंदिर के साथ ही अष्टभुजा पहाड़ पर साधकों द्वारा जगह-जगह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपनीय अनुष्ठान का दौर भी गुप्त नवरात्र के पहले दिन से शुरू हो गया। साधना के दौरान साधक गुप्त नवरात्र में नौ देवियों के साथ ही दस महा विद्याओं की भी विधि विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। जिसके मद्देनजर संपूर्ण विंध्याचल क्षेत्र में गुप्त नवरात्र के पहले दिन से ही जगह-जगह साधकों की भीड़ जुटी रही। गुप्त नवरात्र के प्रथम दिन देश के कोने-कोने से आए साधकों ने तंत्र साधना और मंत्र सिद्धि पूरे विधि विधान से की। भोर में मंगला आरती के बाद से ही मंदिर में दर्शन पूजन का क्रम शुरू हो गया था। जो देर रात तक अनवरत चलता रहा। जगत जननी मां विंध्यवासिनी के भव्य स्वरूप का दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव विह्वल रहे। आदि शक्ति का दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवताओं के मंदिरों में भी जाकर दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान महाकाली और मां अष्टभुजी देवी के दरबार में भी दर्शन पूजन करने के लिए दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। बृहस्पतिवार से शुरू गुप्त नवरात्र 8 जुलाई तक चलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें