मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भले ही अफसरों से समय से दफ्तर पहुंचने का निर्देश दिया है लेकिन अफसर अपने अंदाज में काम कर रहे हैं। तहसील दिवस पर सदर तहसील में फरियादी समय से पहुंच गए लेकिन अफसर देर से आए। तहसीलों में 23 अधिकारी समय से नहीं पहुंचे। जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। जिले में कुल 260 शिकायतें आईं, जिसमें महज 14 का ही निस्तारण किया जा सका।
मंडलायुक्त रंजन कुमार, डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव और जिलाधिकारी कंचन वर्मा की देखरेख में सदर तहसील में सुनवाई हुई। इस दौरान 87 लोगों ने फरियाद लगाई लेकिन केवल तीन को ही समाधान मिल पाया। कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि तहसील दिवस पर मिली शिकायतों का समाधान करने अफसर खुद मौके पर जाएं और उचित निर्णय लें। तभी फरियादी को बार-बार तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। फैसला होने के बाद भी कब्जा नहीं दिलाने की शिकायत पर कमिश्नर ने कहा कि ऐसे सभी मामलों का निस्तारण अभियान चलाकर दो दिनों में किया जाए।
उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी नया पेंशन का फार्म भरवाने और ब्लॉक में एक सप्ताह के अंदर गांवों में खुली बैठक कराकर पेंशन के प्रकरण का निस्तारण कराने को कहा। अग्निकांड से प्रभावित किसानों जल्द सहायता दिलाने। एसपी कलानिधि नैथानी, सीडीओ अमित कुमार सिंह रहे। मड़िहान सीआरओ वंशबहादुर की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस तहसील दिवस पर 41 मामले आए जिनमें से मौके पर महज दो का निस्तारण किया गया। एसडीएम जीसी राम, तहसीलदार अजय पांडेय, प्रमुख दिनेश सिंह आदि मौजूद रहे। लालगंज तहसील में 87 में से एडीएम विजयबहादुर की देखरेख में तीन मामलों का निस्तारण किया गया।