हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित शोधार्थी रोहित की आत्महत्या के दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन और अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इससे पहले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांध कर घंटाघर से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। एनएसयूआई ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्रक भेज कर रोहित की आत्महत्या के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने कहा कि रोहित वेमुला एक रिसर्च स्कालर थे। बावजूद उनको ऐसा कदम उठाना पड़ा। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका कितना मानसिक शोषण हुआ है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के पीछे सीधे तौर पर भाजपा के बंडारू दत्तात्रेय और छात्र संगठन एबीवीपी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कठोर कदम उठाया जाए। पूर्व उपाध्यक्ष विशाल सोनकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग दलितों को भ्रमित कर रहे हैं। रोहित की मौत के बाद सोशल मीडिया पर गलत अफवाहें फैला रहे हैं। दलित वर्ग आगामी 2017 के चुनाव में इसका समुचित जवाब देगा। अनिल सोनकर ने कहा कि दलितों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोग सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान विरू भारती, अमर दूबे, अभिषेक मिश्रा, प्रवीश, रामानुज , देवी शंकर, नितेश पांडेय, अखिलेश गोड़, सूरज, अमित आदि मौजूद रहे।
शोध छात्र के आत्महत्या का मामला गंभीर : मिर्जापुर। शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में वासलीगंज में कांग्रेसजनों की बैठक बुधवार को हुई। जिसमें हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित रिसर्च छात्र रोहित की आत्महत्या को गंभीर मामला बताया गया । शहर अध्यक्ष अब्दुल वहीद ने कहा कि छात्र का निलंबन किस आधार पर किया गया, इसकी उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। अर्चना चौबे ने कहा कि दलित शोध छात्र की आत्महत्या देश और समाज के लिए गंभीर विषय है। बैठक में आकाश सोनकर, राजन निषाद, मुशीर आलम आदि रहे।