मिर्जापुर। जिले के माध्यमिक शिक्षकों के नोशनल इंक्रीमेंट को लेकर आक्रोश है। उनका आरोप है कि साल 2006 से अब तक लगभग 1500 माध्यमिक शिक्षक इसके चलते आर्थिक क्षति उठा रहे हैं। इस नोशनल इंक्रीमेंट का एरियर तो नहीं मिलता लेकिन जो शिक्षक अवकाश प्राप्त कर चुके हैं। उनकी पेंशन पर जरूर इसका असर पड़ता है।
शिक्षा विभाग में अच्छे कार्य पर पुरस्कार व गड़बड़ी पर दंड का प्रावधान है। जो शिक्षक अच्छे कार्य के लिए जाने जाते हैं, उनको एक नोशनल इंक्रीमेंट प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाता है। जिले में इस प्रकार के लगभग 1500 माध्यमिक शिक्षक हैं। इनमें से कई तो अवकाश प्राप्त कर चुके हैं और कई की मृत्यु हो चुकी है।
जो अवकाश प्राप्त कर चुके हैं उनके पेंशन पर इसका प्रभाव पड़ रहा है और वे पुरस्कार पाने के बाद भी आर्थिक क्षति उठा रहे हैं। इस संबंध में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का कहना है कि इसके लिए कई बार जेडी, डीडीआर व जिला विद्यालय निरीक्षक को सूचित किया गया, अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहींं की गई।
जिन शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है, उनकी क्षति की भरपाई कौन और कैसे करेगा, यह यक्ष प्रश्न है। संघ की मांग है कि शैक्षिक सत्र 2006 से 2020 तक के सेवानिवृत शिक्षकों को अविलंब नोशनल वेतन वृद्धि प्रदान की जाए। उप शिक्षा निदेशक के साथ ही आयुक्त विंध्याचल मंडल मिर्जापुर, जिला अधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेज कर आरोप लगाया गया है कि उप शिक्षा निदेशक कार्यालय के पास ही सेवानिवृत्त कार्मिकों के समस्त पत्र मौजूद होते हैं।
बावजूद इसके कई महीने बीतने के बाद भी रिटायर्ड कर्मियों के नोशनल वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान नहीं किया गया। संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयभान ने कहा कि उनके कार्यालय में इस प्रकार का कोई प्रकरण लंबित नहीं है। शिक्षकों की मांग पर त्वरित कार्रवाई की जाती है।