मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने अमृत योजना, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति के कार्यों की प्रगति समीक्षा किया। कार्य में प्रगति न होने पर कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों को नोटिस देने के साथ ही उनका पेमेंट रोकने के साथ ही जांच का भी निर्देश दिया।
अमृत परियोजना के संचालन में आने वाली समस्याओं के बारे में जिलाधिकारी ने वन विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई तथा जल निगम एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौके पर जाकर भ्रमण कर सत्यापन करें तथा आने वाली समस्याओं का निराकरण कराएं। बताया गया कि ग्राम समूह पाइप पेयजल योजनान्तर्गत का विकास कार्य प्रगति पर हैं। समीक्षा बैठक में भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, कार्य के पूर्ण होने की अंतिम तिथि, इनटेकबेल लेबल/साइट पर एप्रोच ब्रिज के निर्माण कार्य, डब्लूटीपी साइट पर कार्य सीडब्लू आर रीजरवायर व इसकी बाउन्ड्रीवाल का निर्माण ओएचटी/ईएसआर का बाउंड्रीवाल, लक्ष्यों के सापेक्ष कितने मीटर पेयजल पाइपलाइन बिछायी गयी, जी डब्लू के तहत लक्षित 140 पेयजल ट्यूबवेेल स्थापित किये जाने से संबंधित कार्य आदि विभिन्न बिन्दुवार कार्यो की विश्लेषणात्मक समीक्षा की। कार्यों में धीमी प्रगति पर ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए मजदूरों की संख्या को बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) को निर्देश दिया कि सभी कार्यदायी संस्था/ठेकेदारों को अब तक कितनी धनराशि प्राप्त हुयी है और कितने का भुगतान किया गया है तथा शेष धनराशि का रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। साथ ही सभी ठेकेदारों व कार्यदायी संस्थाओं के कार्यालय एवं परियोजनाओं के साइट पर जाकर कार्यों का वास्तविक अवलोकन कर वीडियो बनाकर शासन को भेजें। बैठक मे अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे अमरेन्द्र कुमार, अधिशाषी अभियन्ता नलकूप संदीप कठेरिया, जिला सूचना अधिकारी डा. पंकज कुमार व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।