मिर्जापुर। जिलाधिकारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक की बजट वाली योजनाओं की समीक्षा की। इसमें अनुपस्थिति और काम में लापरवाही बरतने पर पांच अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया।
डीएम ने अष्टभुजा, कालीखोह रोपवे पर पर्यटन सुविधाओं के विकास कार्य की गति धीमी होने पर ओसी पर्यटन और बैठक में गैरहाजिर रहने पर सहायक पयर्टन अधिकारी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की धीमी गति होने पर कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन रोकने के लिए शासन का पत्र भेजने का निर्देश दिया।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड की ओर से कराए जा रहे काम की प्रगति संतोषतजनक न होने पर उनके अधिकारी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार नगर पालिका चुनार में गोशाला के निर्माण कार्य की प्रगति खराब होने पर एसडीएम को अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से विंध्याचल में दीवान घाट पर शौचालय, आरती मंच के निर्माण की प्रगति धीमी होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स योजना, त्वरित आर्थिक विकास योजना की समीक्षा की। बैठक में सीडीओ विशाल कुमार, डीएफओ अरविंद राज मिश्र, प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर तापस मिहिर, सीएमओ डाॅ. सीएल वर्मा आदि मौजूद थे।
51 योजनाओं में ए श्रेणी मिली
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा की गई। डीएम ने बताया कि जिले को 51 योजनाओं में ए श्रेणी मिली है। जिलाधिकारी ने बी, सी व डी श्रेणी लाने विभागों के अधिकारियों को प्रगति में सुधार लाते की हिदायत दी।
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15 दिन में कार्य प्रणाली में सुधार लाएं
मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने मंगलवार को अपने कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। कई योजनाओं की प्रगति खराब होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही 15 दिवस में सुधार लाने की हिदायत दी। संवाद