मंडलीय अस्पताल के हड्डी वार्ड में भर्ती मरीज बबलू स्रोत- संवाद
- फोटो : थाना फरिहा क्षेत्र के नगला फतेह- कौरारी मार्ग पर हादसे के बाद खड़ा क्षतिग्रस्त ऑटो। संवाद
मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल में हड्डी के हर दिन करीब नौ ऑपरेशन होते हैं। ऑर्थो और जनरल सर्जरी के डॉक्टर अस्पताल परिसर में मौजूद अमृत फार्मेसी की दुकान से सर्जिकल इंप्लाट न मंगाकर सेटिंग वाली मेडिकल स्टोर से महंगे दर पर मंगाते हैं।
इससे मरीजों की जेब पर असर पड़ता है। सड़क हादसे या अन्य दुर्घटनाओं में हाथ या पैर टूटने पर ऑपरेशन करके जोड़ने के लिए सर्जिकल इंप्लांट की जरूरत होती है।
मंडलीय अस्पताल में सर्जिकल इंप्लाट की सप्लाई नहीं होती। इसके लिए अमृत फार्मेसी खुली है। नौ महीने में वहां से ऑपरेशन के लिए एक भी इंप्लांट की खरीद नहीं हुई है। इंप्लांट खरीदा भी गया तो वह आयुष्मान भारत से इलाज कराने वाले मरीज के लिए गया है।
जबकि नौ महीने पहले अमृत फॉर्मेसी का शुभारंभ इसलिए किया गया था कि मरीजों को सस्ती दर पर इंप्लांट मिल सके। 30 हजार की खरीदी राॅड : सिरसा निवासी बबलू ने बताया कि एक्सीडेंट में पैर टूट गया था। ऑपरेशन में जो रॉड लगा है। बाहर मेडिकल स्टोर से 30 हजार में खरीदा है।