मिर्जापुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने अहरौरा क्षेत्र के चार क्रशर प्लांटों पर वायु प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था नहीं करने पर जुर्माना लगाया है। साथ ही चारों प्लांट को बंद करने का आदेश भी जारी किया है। इससे पहले क्षेत्र के 26 क्रशर प्लांटों और 40 खदानों पर भी एनजीटी की तरफ से रोक लगाई गई थी।
हेमलता देवी ने अहरौरा क्षेत्र के क्रशर प्लांट पर वायु प्रदूषण का आरोप लगाते हुए एनजीटी में वाद दाखिल किया था। इस मामले में एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बीते 18 जुलाई को जांच की थी। जांच में क्रशर प्लांट में वायु प्रदूषण नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं मिली थी। इस पर शिकायत को सही मानते हुए एनजीटी ने जुर्माना लगाते हुए क्रशर प्लांट का संचालन बंद करने के साथ ही बिजली व पानी की आपूर्ति रोकने का आदेश जारी किया है। एनजीटी ने तीन प्लांटों पर आठ लाख 43 हजार 750 रुपये व एक प्लांट पर 39 लाख 37 हजार 500 रुपये जुर्माना लगाया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उमेश गुप्ता ने बताया कि हेमलता देवी द्वारा एनजीटी में दाखिल वाद के मामले में 18 जुलाई को जांच की गई थी। जांच में वायु प्रदूषण मानक के अनुसार नहीं पाया गया था। जिसमें पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के लिए जुर्माना लगाया गया है। क्षतिपूर्ति की राशि एक सप्ताह के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया है। साथ ही बंदी आदेश भी जारी किया गया है।