मिर्जापुर। नगर में बरसात के पहले नाले-नालियों की सफाई और पेड़ों की छंटाई का काम अब तक नहीं पूरा हो सका। यही वजह है कि बारिश होने पर जलभराव से लोगों को जूझना पड़ रहा है। कई मोहल्लों में नालियां बजबजा रही हैं। वहीं पेड़ों की डालियों से तार आए दिन टूट रहे हैं। फॉल्ट बढ़ने से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
नगर में सात बड़े नाले, 27 मध्यम नाले और 125 छोटे नाले हैं। इसके साथ ही 190 किलोमीटर लंबी नालियां बनाई गई हैं। नगर में अप्रैल से नाले-नालियों की सफाई का काम शुरू कराया गया था। 21 जून तक काम पूरा करने की मियाद तय की गई थी लेकिन बरसात शुरू होने के बाद भी अधूरा है। 10 से ज्यादा काम अभी बाकी है। 700 सफाई और जरूरी संसाधन होने के बाद लापरवाही की वजह से सफाई का काम पूरा नहीं हो पाया। अनगढ़, सिविल लाइन, वासलीगंज, नटवा समेत कई मोहल्लों में नालियां जाम हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जी लाल ने कहा कि नाले-नालियों की सफाई पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी यदि कहीं समस्या है तो उसका समाधान कराया जाएगा।
डालियों की वजह से कई जगह लग चुकी है आग
बरसात शुरू होने के बाद भी बिजली के तारों पर लटक रहीं पेड़ों की डालियों की छंटाई का काम विद्युत निगम पूरा नहीं करा सका। वासलीगंज, तहसील तिराहे के पास, सिविल लाइन रोड, रोडवेज के पास और विंध्याचल में कई जगह बिजली के तारों पर पेड़ों की डालियां लटक रही हैं। बरियाघाट समेत कई जगह डालियों के कारण केबल में आग लगी चुकी है। इसके बाद भी विद्युत निगम के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि उपकेंद्रवार 19 टीमें लगाई गई हैं। वे एक-एक स्थान की जांच कर डालियों की छंटाई का काम कर रही हैं।
जलभराव के लिए बनी क्विक रिस्पांस टीम
नगर के नटवां अंडरपास के पास जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका ने क्विक रिस्पांस टीम बनाई है। इसके लिए नटवां अंडरपास की 24 घंटे निगरानी होगी और जलभराव होने पर पंप लगाकर तत्काल पानी निकाला जाएगा। साथ ही रेन वाटर हार्वेंस्टिंग की व्यवस्था की गई है। ईओ जी लाल ने बताया कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की तैयारी की जा रही है। इसमें विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।