वहीं पुरुष भक्तों ने भी नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माता का दर्शन पूजन किया। देवी मंदिर के सामने, गंगा घाटों पर शाहनाई और नगाड़े की मधुर धुन पर मुंडन संस्कार व कन्या पूजन का का दौर भी चल रहा है।
श्रद्धालुओं से पटी विंध्य की गलियां
नवरात्र की अष्टमी तिथि पर श्रद्धालुओं से विंध्य की गलियां पटी हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर की तरफ जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। झांकी दर्शन के लिए सदर बाजार कोतवाली मार्ग से मंदिर तक भक्तों का रेला लगा है।
द्वितीय प्रवेश द्वार से दर्शन पूजन करने के लिए जयपुरिया गली होते हुए पुरानी वीआईपी मार्ग एवं पक्का घाट गली में ऐसी भीड़ है लाइन टूटने का नाम ही नहीं ले रही। भक्तों की भीड़ नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं।
विंध्याचल में मां के भक्तों की भीड़ उमड़ी
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शारदीय नवरात्र में प्रमुख देवी मंदिरों पर तरह-तरह के पुष्पों से की गई सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही है। मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भ गृह के चारों तरफ कहीं जय मां विंध्यवासिनी तो कहीं जय माता दी और फूलों से बनाए गए स्वास्तिक निशान की छटा देखते ही बन रही है। काली खोह में महाकाली मंदिर, अष्टभुजा पहाड़ पर माता अष्टभुजी देवी के साथ ही मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार पर देशी, विदेशी फूलों से की गई आकर्षक सजावट देख दूरदराज से आए श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
नवरात्र मेले के 8वें दिन विंध्य की गलियों में प्रसाद की दुकानों पर भक्तों का हुजूम लगा रहा। दुकानों पर नारियल, चुनरी, लाचीदाना, रक्षा रोरी आदि प्रसाद की खरीदारी करने के लिए सुबह से भक्त उमड़े हैं।कोरोना काल के बाद पहली बार नारियल चुनरी और प्रसाद की बिक्री को लेकर दुकानदार गदगद दिखाई दिए।
सप्तमी, अष्टमी की रात महानिशा पूजन के लिए विंध्यक्षेत्र में तांत्रिकों का खूब जमावड़ा देखा गया । खासकर रामगया घाट , तारामन्दिर , भैरवकुण्ड व कालीखोह मन्दिर के पास काफी संख्या में विधि-विधान से अपनी साधना में तल्लीन दिखे। पुलिस अधीक्षक ने महानिशा के मद्देनजर पहाड़ों व तांत्रिकों के जमावड़े वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसफोर्स की तैनाती की। पूजा के नाम पर अराजकता अथवा नशाखोरी इत्यादि करने वालों पर नजर रखी जा रही है ।