हिंदी दिवस पर जिला सभागर में बोलती साहित्यकार मंजू चौरसिया, संवाद
मिर्जापुर। हिंदी दिवस पर रविवार को जिले में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला पंचायत सभागार में काव्य गोष्ठी और पुस्तक विमोचन हुआ तो आचार्य रामचंद्र शुक्ल पार्क में आचार्य की प्रतिमा पर माल्र्यार्पण कर उनका स्मरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय काव्य मूल्यों के अनुरक्षण का चुनौतीपूर्ण कार्य नवगीत कर रहा है।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में मंजू चौरसिया की समीक्षा पुस्तक नवगीत की अद्यतन भंगिमा गणेश गंभीर का विमोचन हुआ। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस समय सांस्कृतिक विलोपन की प्रक्रिया चल रही है। हमें अत्यंत सावधानी के साथ इस संस्कृति से अपनी महान भारतीय परंपराओं को बचाना है। हिंदी में यह कार्य नवगीत कर रहा है। डॉ. अनुज प्रताप सिंह ने हिंदी कविता के विकास के विभिन्न सोपानों की चर्चा की। गणेश गंभीर ने कहा कि जब कोई रचना पाठकों के पास चली जाती है तो उस पर अधिकार पाठक अथवा श्रोता का हो जाता है और उन्हें रचना के मूल्यांकन का असीमित अधिकार होता है। मंजू चौरसिया ने अपनी पुस्तक के बारे में कहा कि उनके निकट साहित्य जीवन के परिष्कार की इच्छा से की गई समीक्षा है। इस दौरान डॉ. शीला सिंह, केदारनाथ दूबे ने विचार व्यक्त किए। विचार-सत्र के बाद काव्य पाठ भी हुआ। इसमें नंदिनी वर्मा, पूजा यादव, सारिका चौरसिया, केदारनाथ सविता, आनंद अमित, अरविंद अवस्थी, गुमनाम मिर्जापुरी, मुहिब मिर्जापुर, इरफान, कुरेशी, विजय श्रीवास्तव, अनिल यादव, हौसिला प्रसाद मिश्र ने काव्यपाठ किया। इस दौरान बरौंधा कचार स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल पार्क में हिंदी दिवस पर आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया गया। नगर पालिकाध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने कहा कि हिंदी राष्ट्र की जननी है। इस दौरान राकेश चंद्र शुक्ल, हौसिला प्रसाद मिश्र, आशीष चंद्र शुक्ला, समीर मिश्र, मानस मोहिले आदि थे। संचालन आनंद अमित ने किया।