बगही में ग्रामीणों संग गंगा कटान की हालत का जायजा लेते अधिकारी।-सोशल मीडिया।
मिर्जापुर। गंगा में पानी घटने के बाद उपजिलाधिकारी चुनार मय दलबल के साथ पहुंचकर मंगलवार को दोपहर बाद नरायनपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांगपुर, बगही सहित अन्य गांवों का निरीक्षण कर हो रहे कटान की हकीकत देखी।
देर शाम तक चले अभियान में एसडीएम ने संबंधित गांवों में काफी दूर तक पैदल चलकर न सिर्फ स्थिति को देखा बल्कि वहां मौजूद किसानों से भी पूछताछ की।
किसानों की समस्या को अमर उजाला में 22 फरवरी, के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर को अधिकारियों ने संज्ञान में लिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को उपजिलाधिकारी चुनार राजेश कुमार वर्मा, नायब तसहीलदार के साथ कटान वाले क्षेत्र का भ्रमण किए। बतातें चलें कि नरायनपुर ब्लॉक क्षेत्र में साल 2025 में आए बाढ़ चलते गंगा में हुए कटान से पांच गांवों को मिलाकर 500 बीघे से ऊपर खेत गंगा में समाहित हो गए हैं। साल दर साल जमीन गंगा में समाहित हो रही है बावजूद इसके बाढ़ सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। चुनार तहसील और नरायनपुर ब्लॉक में बगही, शिवपुर, जलालपुर माफी, चितरहां व गांगपुर आदि गांव में किसानों के खेत गंगा कटान की जद में हैं। हालात यही रहे तो तेजी से हो रहे कटान के चलते तटवर्ती गांवों के कई किसानों को विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। ग्राम प्रधान बगहीं रेशू पटेल की मानें तो प्रत्येक दूसरे, तीसरे साल बारिश के मौसम में गंगा में बाढ़ आती है।
कई गांव चारों तरफ पानी से घिर जाते हैं। आवागमन के रास्तों पर बाढ़ का पानी लगने से आवागमन तक बंद हो जाता है। उपजिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने भी कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गंगा में कटान हो रहा है। गंगा कटान वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
जिसे डीएम को सौंपा जाएगा। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार अवनीश कुमार, लेखपाल ऋषि कुमार तथा ग्रामीणों में अरुण सिंह, अनुराग सिंह, हर्षदेव, मुनीब व पंकज आदि मौजूद रहे।