मिर्जापुर। नगर के घाटों के सुंदरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। रंगाई पोताई के साथ ही घाटों व आसपास के मंदिरों की दीवारों पर म्यूरल पेंटिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
मिशन शृंखला के तहत 80 लाख रुपये से होने वाले कार्य में काशी हिंदू विश्वविद्यालय दक्षिणी परिसर के फाइन आर्ट्स के छात्र बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बरियाघाट, पक्का घाट, दाऊजी घाट आदि प्रसिद्ध घाटों पर पौराणिक आख्यानों पर आधारित म्यूरल पेंटिंग बनाई है। पेंटिंग बनाने के बाद अब उसे रंगा भी जा रहा है, ताकि वह अधिक दिनों तक चल सके। म्यूरल पेंटिंग के जरिए गंगावतरण व अन्य धार्मिक घटनाक्रम को घाटों पर दर्शाया जा रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की तरफ से पहले ही प्रस्ताव तैयार कराया गया था। मिशन शृंखला के तहत यह कार्य होना है। इसके तहत पक्का घाट, बरियाघाट, संकठाघाट, दाऊजी घाट, नारघाट आदि घाटों का सुंदरीकरण, मरम्मत, घाट व सीढि़यों की मरम्मत, रंगाई-पोताई, पालिश, पेंटिंग, म्यूरल पेंटिंग, फसाड लाइटिंग, हाईमास्ट, चेंजिंग रूम आदि की व्यवस्था कराई जाएगी।
कार्ययोजना के अनुरूप कार्य हो रहे है। अब इसी क्रम में सिंचाई विभाग की ओर से घाटों पर बालू की बोरियों को तकनीकी तरीके से ढाल बनाकर कटानरोधी कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही एक अय महत्वपूर्ण कार्य यह किया जा रहा है कि धार्मिक आयोजनों के लिए जो फूल पत्ती गंगा में सीधे प्रवाहित किए जाते हैं, उसके लिए एक कलशनुमा आकृति का पात्र रखा जाएगा, जिसमें ये फूल पत्ती रखे जाएंगे। इससे धार्मिक आयोजनों में चढ़ाए गए फूल सीधे गंगा में नहीं जाएंगे। समय-समय पर हटाकर पात्र की सफाई की भी व्यवस्था की गई है। इन कार्यों की प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।