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आशनाई के चक्कर में हुई थी मुन्ना की हत्या, एक ही परिवार के तीन गिरफ्तार

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मिर्जापुर। चील्ह थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव में एक सप्ताह पूर्व शिव मंदिर के अंदर धारदार हथियार से की गई सेवादार मुन्ना की हत्या आशनाई और मंदिर पर कब्जा करने के डर को लेकर किया गया। पुलिस ने सोमवार की सुबह एक ही परिवार के तीनों हत्यारोपियों को हनुमान नगर चेतगंज से गिरफ्तार कर लिया। मामले का खुलासा एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन मनोरंजन कक्ष में पत्रकार वार्ता के दौरान किया।
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धौरहरा गांव निवासी 36 वर्षीय मुन्ना पुत्र राम सजीवन सरोज टफ्टेड बुनाई का कार्य करता था। वह गांव के ही प्राचीन शिव व हनुमान के मंदिर परिसर में रहकर साफ-सफाई व सेवा का कार्य करता था। 18 अक्तूबर की रात को वह खाना खाकर मंदिर पर सोने आया था। रात में वह चबूतरे पर सोया था। अगले दिन सुबह छह बजे गांव की एक महिला मंदिर में पूजा करने पहुंची तो मंदिर में गला रेता हुआ शव को देखकर शोर मचाया। मुन्ना की किसी ने गला रेत कर हत्या कर दिया था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरु किया। एएसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस की पूछताछ और पड़ताल में पता चला कि मंदिर गांव के संतोष सिंह के पूर्वजों की है। मुन्ना सरोज मंदिर पर रहकर साफ-सफाई और पूजा आदि करता था। मंदिर हत्यारोपियों के पुर्वजो का है। उनस्त्रत्त् लोगों को ये डर हो गया था कि मुन्ना मंदिर पर कब्जा कर लेगा। इसके अलावा मुन्ना का गांव की एक महिला से चक्कर चल रहा था। हत्या करने वालों का भी उस महिला से संबंध था। इसलिए लिए तीनों ने मिलकर मुन्ना की मंदिर में ले जाकर बांका मारकर हत्या कर दिया। तीनों हत्यारोपी संतोष सिंह पुत्र परवंता उर्फ बिट्टी सिंह, पाली उर्फ अखिलेश पुत्र धनराज उर्फ चुनई, जर्सी उर्फ शत्रुधन पुत्र अशोक उर्फ सोहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त बांका भी बरामद कर लिया।
मुन्ना के साथ ही हत्यारोपियों ने खरीदा था बांका
मिर्जापुर। मुन्ना सरोज की हत्या जिस धारदार हथियार बांका से की गई है। उसे मुन्ना के साथ ही तीनों हत्यारोपियों ने खरीदा था। एएसपी सिटी ने बताया कि तीनों मुन्ना को सुअर का शिकार करने की बात बताकर बांका खरीदे थे। बांका गांव से डेढ़ किसी दूर एक स्थान से लिया था। उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बांका खरीदने मुन्ना भी आया था।
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हत्या से पहले पिलाया था गांजा
मिर्जापुर। मंदिर के अंदर गला रेतकर नृशंस तरीके से की गई हत्या के बाद से यह प्रश्न उठ रहा था कि आखिर बलष्ठि मुन्ना की हत्या इतनी आसानी से कैसे कर दिया गया। एएसपी सिटी ने बताया कि पूछतछ में तीनों ने बताया कि वे सब शराब गांजा सब पीते है। उस रात को मुन्ना को जबरदस्ती करके गांजा पीने को मजबूर किया था। वह गांजा नहीं पीता था। पहली बार गांजा पीने के कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गया था। बताया कि उस रात को मंदिर पर लगे बिजली को भी मुन्ना से सही कराया था।
संतोष ने रेता था गला
मिर्जापुर। मुन्ना सरोज की हत्या करते समय संतोष ने ही बांका से उसका गला रेता था। बाकी दोनों उसका हाथ-पैर पकड़ा था। मंदिर के अंदर की उसकी हत्या की गई थी। गला रेतने के साथ ही उसके पेट में भी वार किया था। हत्या करते समय डर के एक आरोपी बाहर निकल गया था। मरने के बाद उसका गला दरवाजा के डेवड़ी पर रख कर पैर शिवलिंग की ओर चले गए थे।
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