पुत्र के मोह में पड़कर नकदी व सामानों की भरपाई के लिए पिता बुधराम ने एक लाख 86 हजार रुपये का इंतजाम कर उसे दे दिया। इसके बाद वह बहुरुपिया घर के सदस्यों के साथ पड़ाव पहुंचा। वहां पर साधु के वेष में पहले से मौजूद एक दूसरे साथी को रुपये दे दिया। इसके बाद वह रामनगर स्थित ननिहाल जाने की बात कहते हुए अन्य लोगों को गांव भेज दिया।
इसके बाद वह ननिहाल जा पहुंचा और वहां भी परिवार के लोगों को भ्रमित कर सोने-चांदी के जेवरातों को मंगाया और उसे अपने पास रख लिया। एक दूसरी पोटली बनाकर यह कहकर दे दिया कि इसे सुरक्षित रख दो। एक सप्ताह बाद दोगुना हो जाएगा। मौका देख इसी बीच वह रात में ही वहां से फरार हो गया।
दो दिन बाद शंका होने पर लोगों ने पोटली खोलकर देखी तो उसमें ईंट-पत्थर के टुकड़े नजर आए। इसके बाद से ही लोगों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। रविवार को वह दोबारा सहसपुरा गांव पहुंचा तो लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ के दौरान बहुरुपिये युवक की पहचान हुई। वह गोंडा का रहने वाला है। देर शाम तक पुलिस पूछताछ करती रही। थानाध्यक्ष गोपाल जी गुप्ता ने बताया कि एक बहुरुपिये पकड़ा गया है। पूछताछ की जा रही है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।