मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना में दहेज के लिए विवाहिता को जलाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक राय ने जमानत का विरोध करते हुए पक्ष रखा।
अभियोजन के अनुसार, कोतवाली शहर के तरकापुर निवासी आशीष सोनकर ने बहन क्षमा सोनकर की शादी 22 अप्रैल 2016 को कोतवाली देहात के भरुहना निवासी बब्बे सोनकर के पुत्र राजेश सोनकर से की थी। दहेज में तीन लाख रुपये की मांग को लेकर उसकी बहन को प्रताड़ित किया जाता रहा। जिसके लिए कई बार पंचायत भी हुई थी। सुलह-समझौता के बाद उसकी बहन ससुराल में थी। 20 जुलाई 2019 को दहेज की मांग को लेकर ससुरालियों ने उसे आग लगाकर मारने की कोशिश की। पीड़िता ने 164 के बयान में पति को छोड़कर सास, ससुर, देवर व देवरानी के खिलाफ मिट्टी का तेल डालकर जलाने का बयान दिया था। इस मामले में ससुर बब्बे सोनकर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दी थी। न्यायालय ने अधिवक्ताओं की दलील, पीड़िता के बयान, जलने की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने जमानत पर छोड़े जाने पर संतोषप्रद आधार नहीं मानते हुए जमानत को खारिज कर दिया।