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13 वर्ष बाद हत्या मामले में तीन को आजीवन कारावास

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मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के गणेेशंगज मोहल्ले से युवक का कार समेत अपहरण कर हत्या करने के मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना की अदालत ने तीन आरोपितों को दोषसिद्ध पाते हुए 13 वर्ष बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस बीच चौथे आरोपित की मौत हो गई और पांचवे आरोपित को तीन वर्ष की सजा सुनाई गई।
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कटरा कोतवाली क्षेत्र के गणेशगंज निवासी 28 वर्षीय अनिल कुमार पांडेय पांच अक्तूबर 2003 की सुबह मार्सल गाड़ी की मरम्मत कराने की बात कहकर घर से निकला था। दो दिनों तक घर न लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी की सूचना थाने पर दिया। इस बीच बिहार के भभुआ कैमूर थाना दुुर्गावती में एक अज्ञात युवक के शव की सूचना मिली। खबर के माध्यम से परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। तब पता चला कि अनिल का अपहरण कर उसकी गाड़ी, मोबाइल व नगदी की लूट कर हत्या कर की गई है। इसके बाद अनिल के पिता विश्वनाथ पांडेय ने कटरा कोतवाली में अपहरण, हत्या, लूट का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु किया। विवेचना में लूटी गई मार्शल बरामद होने पर अपहरण और हत्यरोपितों का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने 2007 में विवेचना कर बिहार के भभुआ थाना चैनपुर हाटा निवासी श्याम बिहारी शाह पुत्र रामजी शाह, राधेश्याम शाह पुत्र बोगा शाह, दयाशंकर दुबे उर्फ धनंजय तिवारी पुत्र मौजी तिवारी निवासी कुशहा शाहबगंज चंदौली, मुन्ना दुबे पुत्र राजबली दुबे निवासी सरपतहा भदोही और सुरेंद्र राय पुत्र हजारी लाल राय निवासी दुर्गागंज भदोही के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। मुकदमा चलने के दौरान आरोपी मुन्ना दुबे की मौत हो गई। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता शासकीय पंकज कुमार सिंह ने सात गवाहों को परीक्षित कराया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने श्याम बिहारी शाह, दयाशंकर तिवारी व सुरेंद्र राय को अपहरण, लूट और हत्या में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास के साथ 40-40 हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं एक आरोपित राधेश्याम शाह लूट का वाहन खरीदने के आरोप में तीन वर्ष की सजा और पांच हजार का जुर्माना से दंडित कर जेल भेज दिया।
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