अहरौरा। राष्ट्रीय राजमार्ग सात पर नारायनपुर से टेंगरा मोड़ तक आए दिन लग रहे भीषण जाम से फिलहाल अभी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। इसके लिए लोगों को फरवरी तक इंतजार करना होगा। टेंगरा मोड़ से हनुमना तक बनने वाली इस सड़क को तीन चरण में बनाया जा रहा है।
वाराणसी के टेगरा मोड़ से 125 किलोमीटर मध्य प्रदेश के हनुमना तक एनएच-सात को चौड़ीकरण हो रहा है। लगभग इक्कीस सौ करोड़ की लागत से बनने वाले इस सड़क को बनाने वाली कंपनी के मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि सड़क को तीन चरण में बनाया जा रहा है। पहले फेज में 660 करोड़ रुपये की लागत से 34 किलोमीटर टेगरा मोड़ से डगमगपुर तक, दूसरे फेज पर 670 करोड़ रुपये से डगमगपुर से लालगंज 46 किलोमीटर तक व तीसरे चरण में 690 करोड़ की लागत से 45 किलोमीटर लालगंज से हनुमना तक काम किया जा रहा है। वहीं टेंगरा मोड़ के पास पांच किलोमीटर तक सिक्स लेन सड़क निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
एनएच-सात पर गुजरने के दौरान नारायनपुर से टेंगरा मोड़ तक आए दिन भीषण जाम लगता है। जाम से निजात दिलाने के लिए निर्माणाधीन संस्था द्वारा टेगड़ा मोड़ के पास पांच किलोमीटर दूर तक छह लेन का निर्माण शुरू करा दिया गया है। सड़क निर्माणकर्ता कंपनी के मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि फरवरी से राहगीरों को जाम से निजात मिल जाएगी। एनएच सात पर जाम से निजात दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने सड़क को बाईपास बनाकर बाहर से ले जाने का निर्णय लिया। जाम न लगे इसके लिए इस मार्ग पर पांच स्थानों पर बाईपास बनाए जाएंगे। इसमें नरायनपुर, पुरुषोत्तमपुर, जमुई, पड़री से होकर बरकछा के रास्ते, मिर्जापुर चितावनपुर, लालगंज शामिल है। प्रत्येक बाईपास तीन-तीन किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है।