विंध्याचल। विंध्य कॉरिडोर मामले पर जिलाधिकारी ने मां विंध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ 50 फीट के दायरे में प्रभावित लोगों को आमंत्रित कर सीधे उनसे बातचीत की। गुरुवार को विंध्याचल स्थित मेला कैंप कार्यालय में शाम को प्रभावित 92 लोगों में 50 लोग पहुंचे। इसमें 50 फीट परिक्रमा पथ एवं न्यू वीआईपी- पुरानी वीआईपी मार्ग, कोतवाली गली एवं पक्का घाट की बात की गई। लेकिन बातचीत से भवन मालिक संतुष्ट नहीं हुए। लोगों ने कहा जब तक जिलाधिकारी की ओर से कोई लिखित आदेश नहीं मिलता तब तक कोई बात नहीं बनेगी।
जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने कहा कि विंध्य कॉरिडोर योजना मुख्यमंत्री की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसे यहां के सभी लोगों के सहयोग से पूर्ण कराया जाएगा। उन्होंने मौजूद लोगों से कहा यदि किसी को परेशानी है तो अपनी बाता रख सकता है। इस पर सूर्यप्रकाश पाठक ने कहा कि इस योजना में पूर्णरूप भूमि विहीन होने वालों के लिए सरकार क्या करेगी। जिलाधिकारी ने लोगों को आश्वस्त किया कि ऐसे लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी बशर्ते उसके नाम की कहीं अन्यत्र भूमि न हो। श्रीविंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष पंडित राजन पाठक ने न सिर्फ इस योजना के बारे में पूरी जानकारी ली बल्कि इससे प्रभावित होने वालों के दर्द को जिलाधिकारी के सामने रखा। गौतम द्विवेदी ने कहा कि किसी का रोजगार छीनकर विकास का मतलब लोगों के समझ से परे है। केदार भंडारी ने जिलाधिकारी से कहा कि मंदिर की ओर आने वाले न्यू वीआईपी व पुरानी वीआईपी के रास्ते दो तरफ से मंदिर से मात्र कुछ दूरी पहले तक पहुंच रहे हैं तो फिर इतने चौड़े रास्ते का मतलब ही क्या है। नीरज पाठक ने कहा कि जिस जमीन को हम लोगों ने दान दे चुके हैं उसका आंकलन करके मंदिर की चौहद्दी तय की जाए। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बगैर तोड़फोड़ के भी मंदिर का विकास संभव है, बशर्ते हमारी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाए। श्रीविंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने कहा विंध्यधाम में सभी लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए ही किसी कार्य को अंजाम दिया जाए। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट सुशीललाल श्रीवास्तव, मंत्री भानू पाठक, एसडीएम सदर गौरव श्रीवास्तव, तहसीलदार ओपी पांडेय आदि मौजूद रहे।