मिर्जापुर। जिला पंचायत सभागार में बुधवार को महिला उत्पीड़न के मामलों की जन सुनवाई हुई। इसमें महिला आयोग की सदस्य अनामिका चौधरी के सामने 11 मामले आए। सुनवाई में यह सामने आया कि अधिकतर घर शराब, मारने पीटने को लेकर परेशान हो रहे हैं।
इसमें सुशीला देवी पत्नी चंदन ने उनसे शिकायत की कि पति ने उसे छोड़ दिया है। और दूसरी महिला के साथ रह रहा हैै। उसके पति ने उसको तलाक भी नहीं दिया। इस पर सदस्य ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे महिला के पति को अगली सुनवाई में हाजिर कराएं ताकि उसका भी पक्ष जाना जा सके। उसके बाद कार्रवाई होगी। इसी प्रकार लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर निवासी मीरा देवी ने आरोप लगाया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। तथ्यों को छिपाकर उसकी शादी हुई है। इस पर अनामिका चौधरी ने कहा कि अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को हाजिर किया जाए। इसी प्रकार पति के छोड़ने, शराब पीकर मारपीट करने तथा घरेलू हिंसा से संबंधित कई मामले सामने आए। इस अवसर पर एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एएसपी सिटी प्रकाश स्वरूप पांडेय, महिला थाना प्रभारी सीमा सिंह, बाल संरक्षण की नगीना सिंह, निधि मद्धेशिया, पूजा मौर्या, रजनी दुबे, श्रृंखला सिंह आदि थे।
महिला आयोग सदस्य अनामिका चौधरी बुधवार को सभागार में जब पहुंची तो वहां पर कोई अधिकारी उपस्थित नहीं थे। कोई मजिस्ट्रेट नहीं था। इस पर उन्होंने काफी नाराजगी जताई और कहा कि जब कोई मजिस्ट्रेट ही नहीं रहेगा तो इस सुनवाई का मतलब क्या है। जो गाइड लाइन अथवा आदेश जारी होंगे। उसका क्रियान्वयन कैैसे होगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट आए।