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आयुष्मान में खेल

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मिर्जापुर। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े लाभार्थियों का इलाज करने के नाम पर अस्पतालों में खेल चल रहा है। कुछ ऐसा ही मामला कटरा कोतवाली क्षेत्र के नटवा स्थित पापुलर हास्पिटल में सामने आया है। जहां दुर्घटना के बाद भर्ती एक लाभार्थी से आपरेशन व दवा के नाम पर हजारों रुपये वसूले गए। साथ ही शासन को भी खर्चे का बिल भेज दिया। जांच करने पहुंची आईएसए की टीम के सामने जब मामला खुला तो हास्पिटल में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि मरीज और तीमारदारों को अस्पताल प्रबंधन की ओर से धमकी भी दी गई है।
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आयुष्मान भारत योजना से जुड़े लाभार्थियों के इलाज के नाम पर कई अस्पतालों में जमकर मनमानी की जा रही है। जहां इलाज और दवा की आड़ में बढ़ाचढ़ा कर बिल बनाया जाता है तो वहीं मरीजों को गुमराह कर उनसे भी पैसे वसूले जा रहे हैं। सिटी ब्लाक के धौरूपुर निवासी भुआल उक्त हास्पिटल में भर्ती है। साइकिल से गिरने के कारण दाहिने पैर में चोट की सर्जरी की गई। यह सारा काम आयुष्मान योजना के अंतर्गत किया गया। जब फीडबैक लेने को बुधवार को हास्पिटल पहुंची आईएसए (इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी) की टीम ने मरीज और परिजनों से बात की तो पता चला कि सर्जरी से पहले उनसे भी 12 हजार रुपये आपरेशन और 1253 रुपये दवा के लिए लिए वसूल थे। टीम में शामिल डीसी योगेंद्र तिवारी, डॉ वंदना दूबे, डीजीओ संजय तिवारी ने जब इस बारे में अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ की तो अफरा तफरी मच गई। पहले तो हास्पिटल ने इससे इनकार किया। बाद में जब भुआल की पत्नी गीता ने हास्पिटल स्टाफ की ग्रुप फोटो में से एक व्यक्ति की पहचान कि तो प्रबंधन से जुड़े लोग कई दिन से उसके न आने की बात कहने लगे। डीसी योगेंद्र ने जब हास्पिटल के दूसरे हिस्सों में काम कर रहे स्टाफ से पूछताछ की तो पता चला कि वे रोज आते हैं और बुधवार को भी आए थेे। साथ ही एक प्रतिष्ठित पद पर हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए टीम ने अस्पताल को नोटिस दिया है। टीम के लोगों का आरोप है कि मरीज और पत्नी को धमकी भी दी गई कि आईएसए की टीम के जाने के बाद पैर में लगा राड निकालकर उनको बाहर कर देंगे। टीम ने पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंप दी है।
सीएमओ, मिर्जापुर ओपी तिवारी ने बताया कि बनारस स्थित पापुलर हास्पिटल में अनियमितता मिलने के बाद उसे पहले ही ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है। यहां आयुष्मान की टीम ने जाकर पड़ताल की तो मरीज से पैसा लेने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। जो निर्देश होगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -
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