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फर्जी सहायक अभियंता पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

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मिर्जापुर। डूडा से लेकर नगरपालिका तक फर्जी तरीके से संबद्ध होकर नौकरी करने के मामले में रामजी उपाध्याय के खिलाफ गुरुवार की रात डूडा की परियोजना अधिकारी प्रतिभा श्रीवास्तव ने शहर कोतवाली में फर्जी दस्तावेज के जरीए धोखाधड़ी कर नौकरी करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। यह कार्रवाई डीएम अनुराग पटेल द्वारा एडीएम यूपी सिंह को दी गई जांच की रिपोर्ट आने के बाद दर्ज कराया गया।
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एडीएम यूपी सिंह ने बताया कि अंबेडकर नगर निवासी रामजी उपाध्याय नगरपालिका में नगर अभियंता पद पर संबद्ध होकर निर्माण कार्य का संपादन कर रहा था। जांच में पाया गया कि रामजी उपाध्याय की नियुक्ति यूपी एग्रो इंड्रस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड में 27 मई 2005 को बतौर अवर अभियंता/कंसल्टेंट के रूप में हुई थी। जिसमें परियोजना वार निगम को प्राप्त होने वाले लाभांश का दो प्रतिशत शुल्क की धनराधि पर सिविल कार्य कराने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। कार्य संतोषजनक न होने पर अनुबंध समाप्त होने की भी शर्त थी। उन्हें वर्ष 2005-06 में कराए गए सिविल निर्माण कार्य की फीस पांच लाख 31 हजार 200 का भुगतान किया गया। जांच में पाया गया कि रामजी उपाध्याय ने संस्था में कोई सेवा देने के बजाए अनुबंध के आधार पर अपने को छल पूर्वक यूपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रियल कारपोरेशन का नियमित अभियंता बताकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को धोखा देने की नियत से ही सही तथ्य छिपाकर 31 दिसंबर 2007 एंव 14 मार्च 2012 को अवर अभियंता के रूप में संबद्ध कराया। इसके बाद तथ्य छिपाकर 28 फरवरी 2018 को नगरपालिका में नगर अभियंता के रूप में संबद्ध कराकर कार्य करते रहे। रामजी उपाध्याय से इनके द्वारा छल पूर्वक संबद्ध कराकर कार्य करने के संबंध में अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया तो वे अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। सहायक अभियंता के रूप में हस्ताक्षारित स्टेटमेंट व एमवी का गुणवत्ता प्रमाण पत्र व भुगतान की कार्रवाई संपादित की गई, जो एक गंभीर अपराध है। एडीएम ने जांच में दोषी पाए जाने पर परियोजना निदेशक डूडा प्रतिभा श्रीवास्तव ने शहर कोतवाली में फर्जी दस्तावेज लगाने, धोखाधड़ी कर फर्जी पद पर नौकरी कर पैसे का हेरफेर करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
गोवंशों की मौत के बाद निकला था फर्जी नियुक्ति का जिन्न
मिर्जापुर। रामजी उपाध्याय ने यूपी एग्रो के बाद डूडा से संबद्ध होकर कार्य किया। इसके बाद नगरपालिका में नगर अभियंता के पद पर कार्य करने लगे। पिछले माह गोशालाओं में गोवंश की मौत मामले में डीएम अनुराग पटेल ने तीन लोगों पर कार्रवाई करते हुए निलंबित किया था। निलंबित किए जाने पर नगरपालिका ने बताया कि उनके यहां रामजी उपाध्याय नाम का कोई कर्मचारी नहीं है। इस पर डीएम ने एडीएम यूपी सिंह से मामले की जांच कराई।
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