सांसद अनुप्रिया पटेल मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल से मिलीं। उन्होंने राज्यपाल को पत्रक सौंप कर कहा कि आज उत्तर प्रदेश अत्यंत कठिन दौर से गुजर रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों, बेरोजगारों के हितों की अनदेखी की जा रही है। खेतिहरों का प्रदेश कहे जाने वाले प्रदेश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगार नौजवानों की रोजगार के अभाव में निराशा और कुंठा बढ़ रही है, जो कभी भी ज्वाला बन कर कोई भी रूप ले सकती है।
उन्होंने कहा कि दरोगा भर्ती, पीसीएस पेपर लीक समेत अन्य भर्तियों में अनियमितता सामने आने से अभ्यर्थियों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन रही है। पूरे प्रदेश में एक जाति/वर्ग विशेष का राज्य होने का संदेश फैल रहा है। पूरे प्रदेश के विकास का पैसा कुछ चिह्नित जिलों में ही खर्च और विद्युत आपूर्ति भी कुछ जिलों में ही हो रही है, जिससे सरकार की समभाव की दृष्टि ओझल हो रही है।
ओवर लोडिंग के खेल से प्रदेश भर की सड़कें खस्ताहाल होती जा रही हैं। सांसद ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या क्यों कर रहे हैं, इसके कारण और निवारण को बताएं।
प्रदेश में बेरोजगारों के बीच बढ़ती निराशा की समाप्ति के लिए रोजगार भर्ती बोर्ड जैसे लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड, उच्च शिक्षा सेवा आयोग, माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड, पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड जैसे नियुक्ति बोर्ड के अध्यक्षों के नाम, जाति और उनके सार्वजनिक व व्यक्तिगत जीवन की शुचिता को प्रकाशित किया जाए।