घर के बाहर जुटी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने कुएं में झांका तो दो बच्चों का शव उतराया मिला। दोनों का शव निकालकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 10.45 बजे तीसरे बच्चे का शव बरामद किया गया। एएसपी नक्सल ओपी सिंह ने बताया कि ससुर श्यामधर की तहरीर पर पुलिस ने सुधा पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
बेरहम मां ने बच्चों पर उतारा पति का गुस्सा
क्षेत्र निवासी अमरजीत कोल दो माह पहले मुंबई मजदूरी करने गया है। अमरजीत की शादी 17 वर्ष पहले मांडा थाना क्षेत्र के दसवार गांव निवासी सुधार देवी के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों से तीन बच्चे हुए। अमरजीत को पत्नी पर शक रहता था। शुक्रवार शाम मरजीत ने पत्नी के मोबाइल पर फोन किया। उस समय फोन पड़ोस के घर में था। पड़ोसी की पुत्री ने फोन उठाया।
कुएं से निकाले गए बच्चों के शव
- फोटो : अमर उजाला
उसने फोन पर बात करने के बाद सुधा को दे दिया। अमरजीत ने फोन दूसरे के घर में होने का कारण पूछा तो सुधा ने बताया कि काम था, इसलिए फोन ले गई थी। इस बात पर अमरजीत और पत्नी सुधा के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी पर शक के चलते पति अमरजीत ने यह तक कह दिया कि बच्चे भी उसके नहीं है। इस पर सुधा ने बच्चों को कुएं में फेंकने के साथ खुद को कमरे में आग लगाकर जान देने की कोशिश की। जिसे लोगों ने बचा लिया।
घटना के बाद जब तीसरे बच्चे की कुएं में तलाश की जा रही था तो महिला घर के पास गुमसुम बैठी थी। दो बच्चों का शव मिलने के बाद तीसरे बच्चे के लिए छह घंटे तक खोजबीन चलती रही। तब तक सुधा देवी घर के पास बैठी रही। न उससे कोई बात कर रहा था और न वह कुछ बोल रही थी।
तीसरे बच्चे का शव मिलने के बाद जब पुलिस महिला को गिरफ्तार कर थाने ले गई तो वहां पूछताछ के दौरान उसने अफसोस जताया। जब किसी ने उसे पूछा की पछतावा हो रहा है तो वह फफककर रोने लगी। फिलहाल बच्चों को निर्ममतापूर्वक कुएं में फेंकने की घटना सुनने वाले लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है कि आखिर एक मां अपने बच्चों के साथ ऐसा कैसे कर सकती है।
तीन बच्चों को कुएं में फेंके जाने के मामले में यह आशंका जताई जा रही है कि महिला ने कहीं हत्या करने के बाद तो शव कुएं में नहीं फेंका। डूबने से मौत होने पर अक्सर पेट में पानी भर जाता है। तीनों बच्चों का पेट नहीं नहीं फुला था। इससे लग रहा है कि हत्या के बाद शव कुएं में फेंक दिया गया। जिंदा फेंकने पर बच्चे पानी पीते तो उनका पेट पानी से भरा होता। इस मामले में पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।