हलिया। ठंड और खराब मौसम के बावजूद शनिवार को आस्था भारी पड़ी। अदवा नदी के मध्य टीले पर स्थित प्रसिद्ध कोटारनाथ धाम में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के दर्शन-पूजन किए।
शनिवार को सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बावजूद क्षेत्रीय तथा दूर-दराज से काफी संख्या में श्रद्धालु अदवा नदी में स्नान के बाद भीगते हुए दर्शन के लिए कतारबद्ध होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा करने लगे। काफी देर बाद मंदिर में पहुंच कर लोगों ने भोलेनाथ को बेल पत्र, भांग, धतूरा आदि चढ़ाकर दर्शन-पूजन किए। इस दौरान बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। दर्शन पूजन के बाद ज्यादातर श्रद्धालुओं ने अदवा नदी के तट पर बाटी-चोखा एवं पूड़ी सब्जी बनाकर प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया। दर्शनार्थियों ने मेले में लगी दुकानों से प्रसाद तथा सौंदर्य प्रसाधन आदि सामग्री की खरीदारी की। मेला क्षेत्र में वाहनों को रोकने के लिए चार स्थानों पर बैरियर लगाए गए थे। वहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। मेला क्षेत्र में खोया-पाया केंद्र नहीं होने से भूले-बिछड़े लोगों को खोजने में लोगों को परेशानी हुई। मंदिर के पुजारी जयराम गिरि तथा शिवराम गिरि ने बताया कि शनिवार को भोर से ही कोटार धाम में भगवान शिव तथा माता पार्वती के दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि देर शाम तक दो लाख से ज्यादा शुद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किए। मेला क्षेत्र में ग्राम प्रधान विनोद सिंह की तरफ से भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जा रहा था।
उधर, पौष त्रयोदशी पर शनिवार को बाबा बदेवरानाथ धाम शिव भक्तों से पटा रहा। शनिवार को भोर से ही बाबा के जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। वार्षिक शृंगार के दौरान मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। खराब मौसम के बावजूद काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के दर्शन-पूजन किए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर थानाध्यक्ष शैलेश कुमार राय मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ग्राम प्रधान माहेश्वरी उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक ओम प्रकाश उपाध्याय व महंत महेंद्र गिरि सहयोगियों के साथ मंदिर व मेला क्षेत्र में लगे रहे।