फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: पटेहरा, राजगढ़ ब्लाॅक में 80 से अधिक झोलाछाप सक्रिय

विज्ञापन
तपती टिन शेड के नीचे मरीज को लिटाकर पटेहरा क्षेत्र में चढ़ाया जा रहा ग्लूकोज।-संवाद।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 300 से ज्यादा अपंजीकृत क्लीनिक और अस्पताल संचालित हो रहे हैं
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में झोलाछाप और बिना लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर इलाज करने वालों की भरमार हो गई है। पटेहरा और राजगढ़ ब्लाॅक क्षेत्र में 80 से ज्यादा झोलाछाप सक्रिय हैं। पटेहरा ब्लॉक के रामपुर की रेनू ने बताया कि 13 वर्षीय बेटे आयुष को तीन दिनों से बुखार है। गांव में इलाज का दावा करने वाले के पास गई तो वहां बच्चे को तपती धूप में शेड के नीचे चारपाई पर लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। उसके बाद वह मुख्यालय पर इलाज कराने पहुंची।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पूरे जिले में अपंजीकृत अस्पतालों की संख्या 300 है। वहीं पटेहरा और राजगढ़ में इनकी संख्या 80 से ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर कार्रवाई करती है, पर कुछ दिन बाद फिर ये सक्रिय हो जाते हैं। टीम के छापे मारने की सूचना मिलने पर झोलाछाप क्लीनिक बंद करके चले जाते है। इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर 15 से अधिक झोलाछाप व अवैध क्लीनिक संचालक को नोटिस जारी किया है। पड़री में बिना लाइसेंस के चल रहे एक क्लीनिक को सीज किया गया है। इसके बाद भी झोलाछाप बाज नहीं आ रहे है। सबसे अधिक झोलाछाप पटेहरा और राजगढ़ ब्लाॅक में हैं। यहां 80 से अधिक झोलाछाप सक्रिय हैं। इसके बाद छानबे और पहाड़ी ब्लाॅक में झोलाछाप अवैध क्लीनिक का संचालन कर रहे हैं।
विज्ञापन

वर्जन
इस वर्ष 15 अवैध क्लीनिक संचालक को नोटिस भेजा गया है। एक अवैध क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की गई है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
डाॅ. अवधेश, नोडल अधिकारी

झोलाछाप व अवैध क्लीनिक संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीमों का गठन किया गया है। लगातार कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को भी राजगढ़ में शिकायत पर टीम ने जाकर नोटिस जारी किया है। डाॅ. सीएल वर्मा, सीएमओ

-
पिछले वर्ष भी हुई थी मासूम की मौत
अप्रैल 2025 में राजगढ़ के डढ़िया गांव निवासी त्रिपुरारी विश्वकर्मा की एक साल की बेटी नव्या की तबीयत खराब हो गई थी। आरोप था किभावां बाजार में एक झोलाछाप के पास पहुंचे। वहां झोलाछाप ने पांच से छह इंजेक्शन लगाया। रात में बेटी की हालत बिगड़ने लगी। कुछ देर बाद बेटी की मौत हो गई थी। जिसकी शिकायत थाने में किया गया था।
विज्ञापन


-
राजगढ़: अपंजीकृत चाइल्ड अस्पताल के संचालक को नोटिस
राजगढ़। क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। तीन सदस्यीय टीम ने जांच के दौरान एक निजी चाइल्ड अस्पताल में अनियमितताएं पाए जाने पर संचालक को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। टीम के बाजार में पहुंचते ही कई संचालक शटर बंद कर भाग लिए। बताया जाता है कि राजगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। इसी क्रम में एक व्यक्ति द्वारा बिना रजिस्ट्रेशन संचालित चाइल्ड अस्पताल के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए। इसके तहत डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. अवधेश सिंह के नेतृत्व में डॉ. नवनीत सिंह और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसल की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जांच में खामियां मिलने पर संबंधित संचालक को नोटिस थमा दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें