मिर्जापुर। मई की भीषण गर्मी के बीच मिर्जापुर में मौसम ने अचानक राहत भरा रुख अपना लिया है। मंगलवार को तापमान एक दिन में चार डिग्री सेल्सियस घट गया। जिले में अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 16 साल में अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। सुबह बादल छाए रहे तो दोपहर बाद खिलकर धूप हुई। लेकिन मौसम में नमी बनी रही।
सोमवार को अधिकतम 33 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि रविवार अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले 36 घंटे में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 16 में मई के शुरुआती दिनों में ऐसा सुहावना मौसम पहली बार देखा गया है। मई में तापमान आमतौर पर 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक ही रहता है। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 24 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, इससे लोग गर्मी और लू से बेहाल थे। ऐसे में अचानक आई ठंडक ने लोगों को बड़ी राहत दी है। बदलाव से तापमान में और गिरावट हो सकती है, हालांकि दो दिनों बाद तापमान में फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने के कारण मौसम मौसम के जानकारों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले 15 वर्षों में पांच मई को अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर एक नजर
वर्ष अधिकतम न्यूनमतम
2010- 39.8 26.7
2011- 39.2 24.7
2012- 38.3 28.3
2013- 42.8 22.7
2014- 40.0 20.4
2015- 41.2 25.6
2016- 37.4 26.5
2017- 41.0 24.3
2018- 37.0 25.8
2019- 38.2 23.2
2020- 38.5 21.4
2021- 38.7 23.5
2022- 38.4 23.4
2023- 34.9 22.2
2024- 41.2 22.0
2025- 37.2 24.0
- तापमान डिग्री सेल्सियस में।
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इनसेट-
पिछले 36 घंटे में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 16 वर्षों में मई के शुरुआती दिनों में ऐसा सुहावना मौसम कम ही देखने को मिला है, जब पारा आमतौर पर 37 से 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है।
फोटो- 17
- शिव मंगल सिंह, तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बी एच यू वाराणसी।
इनसेट
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अगले दो दिनों तक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस बदलाव से तापमान में और गिरावट हो सकती है, हालांकि दो दिनों बाद तापमान में फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं।
फोटो- 18
- प्रोफेसर आरएस सिंह, नोडल अधिकारी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बी एच यू वाराणसी।