मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के बेला जंगल में लूट का मामला फर्जी साबित हुआ। कंपनी के कर्मचारियों ने ही पैसे की हेराफेरी के लिए लूट का झूठी कहानी सुनाई थी। पुलिस की छानबीन में लूट की बात फर्जी निकली। कर्मचारियों ने झूठी सूचना देना स्वीकार किया। पुलिस ने पैसा बरामद कर लिया है।
दरअसल, अमरेश मौर्या व संयज कुमार कोल निवासीगण जमुई थाना मड़िहान जो एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। दोनों ने गुरुवार को थाने पर सूचना दिया कि बेला जंगल में उनसे दो लाख 44 हजार की लूट हो गई है। बताया कि मड़िहान से विंडम फॉल रोड पर किसी के पीछे से धक्का देने पर झाड़ी में बाइक सहित गिरकर वे बेहोश हो गए। बदमाश पैसे का बैग लेकर फरार हो गया।
पुलिस को प्रथमदृष्टया घटना झूठी प्रतीत हो रही थी। पुलिस ने छानबीन शुरू की। इनके द्वारा अपने साथी अजीत मौर्या निवासी धुरकर एवं गौरी मौर्या निवासी गुरूदेव नगर थाना मड़िहान के द्वारा योजना बनाकर हेराफेरी के उद्देश्य से पैसा छिपा दिया गया था।
गठित टीमों द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर घटना को स्वयं अंजाम देना, पैसा छिपाना व लूट की फर्जी सूचना देने की बात स्वीकार किया। पुलिस ने पूरा पैसा बरामद कर लिया गया है। चारों आरोपी हिरासत में है। कंपनी के एमडी की तहरीर पर थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।