देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में देश को 456 ने सैन्य अधिकारी मिले तो मिर्जापुर जनपद का सीना चौड़ा हो गया। इस जनपद के लाल को मिली जिम्मेदारी से उत्साह चरम पर है। जनपद के लाल ने गौरव को बढ़ाते हुए लेफ्टिनेंट के रूप में देश की सेवा करने का संकल्प लिया। जैसे ही सेना द्वारा स्टार लगाकर प्रथम पांडेय को लेफ्टिनेंट पद की जिम्मेदारी सौंपी गई हर कोई खुशी से झूम उठा। बताते चलें कि प्रथम पांडेय की शिक्षा-दीक्षा मिर्जापुर से ही पूरी हुई है।
इंडस्ट्रियल स्टेट पथरहिया के रहने वाले प्रथम पांडेय ने सेंट मैरी स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा में 92 प्रतिशत एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा विंध्यवासिनी पब्लिक स्कूल से 94 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण किया। इंटरमीडिएट पास करने के बाद 2020 में उसने जेईई-मेन्स में 90 प्रतिशत अंकों के साथ क्वालिफाई किया। जेईई मेन्स क्वालिफाई करने के बाद टीईएस के माध्यम से उसने आवेदन किया। भारतीय सेना द्वारा उसे टेली कम्युनिकेशन से बीटेक की पढ़ाई पूरी कराया गया।
शनिवार को परेड के बाद आयोजित पीपिंग और शपथ ग्रहण समारोह (ओथ सेरेमनी) के दौरान कैडेट्स ने अपनी वर्दी पर स्टार चिह्न लगाकर जैसे ही भारत माता की सेवा का संकल्प लिया वैसे ही पिता सुभाष चन्द्र पांडेय एवं माता प्रियंका पांडेय खुशी से झूम उठे। इस दौरान माता- पिता देहरादून के सैन्य अकादमी में उपस्थित रहकर इस ऐतिहासिक समारोह के चश्मदीद गवाह बने। प्रथम पांडेय को भारतीय सेना के सिग्नल कोर में तैनाती मिली है। इस सफलता पर दादा सेवा निवृत्त शिक्षक भोलानाथ पांडेय, अमरनाथ पांडेय एवं बहन प्राप्ति पांडेय ने खुशी का इजहार व्यक्त किया है एवं उसकी सफलता के लिए उसके कठिन परिश्रम को बताया।