मिर्जापुर। जिले में दो दिनों से अनवरत हो रही बारिश से जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। जिले के सभी हिस्सों में इस समय बरसात हो रही है। कहीं कम तो कहीं अधिक। जमालपुर, अहरौरा व छानबे विकास खंड में बारिश के पानी से हड़कंप मचा हुआ है। कई जगहों पर मकानों के गिरने की भी घटना हुई है। नगर में भी लगातार हो रही बारिश से अधिकांश जगहों पर जलभराव हो गया है। शुक्रवार को अधिकतर लोग अपने घरों से बाहर भी नहीं निकले। सड़कों पर यातायात भी काफी कम रहा। नगर में कचहरी के पास नीम का पेड़ गिर जाने से आवागमन बाधित हो गया है।
मड़िहान:गुरुवार की आधी रात से हो रही बारिश के चलते दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। तहसील क्षेत्र के हिनौता गांव स्थित रज्जन आदिवासी के घर की मिट्टी की दीवार भरभरा कर गिर पड़ी। पड़ोसियों ने किसी तरह परिजनों को बाहर निकाला। देवरी गांव में मधु दूबे का गौशाला की दीवार गिर पड़ी। लगातार 15 दिनों से हो रही बरसात के चलते तिल्ली की फसल बर्बाद हो रही है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए पानी उपयोगी है लेकिन तिलहन में तिल्ली और दलहन में उड़द मूंग की फसल बर्बाद हो रही है। चेतगंज: चौकी क्षेत्र के हुसैनी पुर गांव के पास चेतगंज से ई हील कंपनी खमरिया रोड पर स्थित विशाल लिसोड़ा का पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया। इसके साथ ही पानी की निकासी की व्यवस्था न होने से दर्जन भर घरों में पानी घुस गया है। शिव शंकर गोंड, दिनेश गौड़, नंदलाल पाल, मनीराम बिंद, बुधीराम बिंद, घुरे राम बिंद, दिलीप चंद बिंद, चिखुरी बिंद, राम लव बिंद आदि के घरों में पानी घुसने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हुसैनीपुर में स्थित एएनएम सेंटर, पंचायत भवन व साधन सहकारी समिति में भी पानी घुस गया है। हलिया: क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण मजदूरों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। जो श्रमिक दिन भर परिश्रम से शाम को अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। उनके सामने लगातार तीन दिन से हो रही बारिश के चलते समस्या बन गई है। विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ श्रमिक मजदूरी करने व जीविकोपार्जन हेतु प्रयागराज, मिर्जापुर व हलिया जाया करते थे। परिवार का भरण पोषण की व्यवस्था करते थे लेकिन लगातार बारिश के चलते मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है। जिगना। गुरुवार की देर रात से हो रही बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। जिससे चारो तरफ जलभराव से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड रहा है। चेहरा, नगवासी, मुडुवान, शिवपुर, गोनौरा, सुमतिया, कोलेपुर व भांवा सहित कई गांव के घरों में पानी घुस गया। लोग पुलिस को बुलाते रहे, जिस पर मौके पर पीआरवी पुलिस ने पहुंच कर वैकल्पिक व्यवस्था कराया। भांवा सहित कई जगह कच्चे मकान भी गिरे हैं । पानी निकासी की व्यवस्था सही ढंग से न होने से जहां रास्ता आदि प्रभावित हैं वही गांवों की व्यवस्था की पोल भी खुल रही है। वर्षा के कारण कर्णावती नदी भी उफान पर है। यदि वर्षा न रुकी तो क्षेत्र के चितौली, बरबटा, कुशहा, शिवपुर, मुराजपुर, बघेड़ाखुर्द, बघेड़ाकला, दुबहा, बौड़ई, कोलाही, सौनहा, धौरहरा, वैशपुर, विजयपुर, अतरैला, सर्रोई, कठवईया, भटेवरा, डेरवा, बिरोही, देवरी, महडौरा, अरगीसरपत्ती व अकोढ़ी आदि स्थानों पर भारी नुकसान पहुंच सकता है। वर्षा के चलते ग्रामीण इलाके में कई जगह सड़क व खडंजा काट कर पानी की निकासी की जा रही है।
जमालपुर: क्षेत्र में लगातार बारिश होने से परेशानी बढ़ गई है। क्षेत्र में फसल में पानी भरने से सैकड़ों एकड़ फसल नालों के उफान से पानी बढ़ रहा है। दो दिन से रुक- रुक कर मूसलाधार बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के धारा, मीरपुर, महेवा, ढेलवासपुर, मनई, मदरां, विशुनपुरा, डोहरी, डवक, मुरेराडीह, देवरिला, पिडखिर, रीवा सहजनी, हरदी व गुलौरी इत्यादि गांवों की फसल डूब गई है। जमालपुर में कुल 17 नाले हैं। झिलवा नाला, भोका नाला, नऊआ नाला, कलवरिया नाला, काकोरी नालाव बड़ऊला नाला इत्यादि नालों का पानी का दबाव बढ़ रहा है।