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Mirzapur News: मिर्जापुर कइला गुलजार हो, कचौड़ी गली सून कइला बलमू...

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चुनार। ऐतिहासिक दुर्ग में स्थित योगीराज भतृहरि नाथ की समाधि स्थल पर कजरी व तीज महोत्सव का कार्यक्रम हुआ। बुधवार की गायिका उषा गुप्ता ने कजरी गीतों की प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार को भंडारा आयोजित किया गया।
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उषा गुप्ता ने आया सावन का महीना सखी डालो रे झूला..., तीज कजरी कही न कही मान बा मगा द पिया लाल चुनरी..., पियां मेंहदी लियाइ द मोतीझील से जाइके साइकिल से ना... और मिर्जापुर कइला गुलजार हो कचौड़ी गली सून कइला बलमू... जैसे कजरी गीतों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। चोलर नृत्य के कलाकार जटाशंकर ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया।
राजस्थान से आए सुंदर जोगी, हजारी नट, यदुराम राणा, सिहाली आदि कलाकारों की टोली ने गुरु गोरखनाथ, गुरु मछेंद्रनाथ और बाबा भतृहरि को समर्पित भजन पेश किए। राजस्थान के नीमराना से आई सांस्कृतिक संगीत मंडली ने भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में चुनार किले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में संस्कृति, संगीत और भक्ति का संगम दिखाई दिया। प्रीतम सिंह राजपूत ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य नाथ संप्रदाय के लोक देवता बाबा भतृहरि नाथ की जीवन गाथा को लोगों तक पहुंचना और भतृहरि की समाधि स्थल के प्रति जागरूकता फैलाना है। किला के प्रबंधक प्रवीण सिंह, दिलीप महाराज के साथ नाथ संप्रदाय के विभिन्न आश्रमों से आए महंत ब्रह्मानाथ, दीपकनाथ, कृष्णानंद महाराज, प्रियाशरण महाराज, सुखदेव आनंद महाराज मौजूद रहे।
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