मिर्जापुर जिले के हर्रा गांव में मंगलवार दोपहर कपड़े साफ करने गई तीन बहनों की कुएं में डूब कर मौत हो गई। एक बहन किसी तरह बाहर आ गई। एक को बचाने के चक्कर में तीन अन्य भी कुएं में कूद गई थीं। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार कर दिया।
हर्रा गांव के महेंद्र यादव की तीन पुत्रियां जड़ावती (14), पूनम (12), कंचना (8) और महेंद्र के चचेरे भाई की पुत्री पिंकी (7) मंगलवार की दोपहर बाद तीन बजे घर से कुछ दूर कुएं पर कपड़ा साफ करने गई थीं। कुएं में काफी ऊपर पानी है। कपड़ा साफ करते समय कंचना पैर फिसलने से कुएं में गिर गई और डूबने लगी। यह देख उसे बचाने के लिए पिंकी कुएं में कूदी, लेकिन वह भी डूबने लगी।
उन दोनों को बचाने के लिए जड़ावती कूदी, तो वह भी डूबने लगी। तब पूनम तीनों को बचाने के लिए कुएं में कूद गई। पूनम तैरना जानती थी। जब वह तीनों को बचाने में असफल रही तो किसी तरह कुएं से बाहर आई और शोर मचाते हुए घर पहुंची।
घटना की जानकारी होने पर परिजन ग्रामीणों के साथ पहुंचे और तीनों को कुएं से बाहर निकाला। उस दौरान पिंकी की सांस चल रही थी। परिजन उसे लेकर हलिया के एक निजी अस्पताल पहुंचे। लेकिन डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है।