मिर्जापुर। धीरे-धीरे अब ठंड बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी तक रैन बसेरा का निर्माण नहीं कराया गया है। इस कारण रात में बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज परिसर में पिछले साल 50 बेड का रैन बसेरा बनाया गया था। इस साल अभी तक वहां तैयारी भी शुरू नहीं की गई है।
इसी तहर घंटाघर में 40 बेड का रैन बसेरा हर साल बनता था। वहां भी अभी कोई तैयारी नहीं है। शहर में पिछले साल नगर पालिका परिषद मिर्जापुर, रोडवेज परिसर पीलीकोठी, नगर पालिका परिषद का घंटाघर कार्यालय, विंध्याचल पावर हाउस, सगरा बस स्टैंड, बरतर के पास रैन बसेरा बनाया गया था। इस बार दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक कहीं कोई तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। नगर पालिका परिषद के ईओ जी लाल ने कहा कि रैन बसेरा बनवाया जा रहा है। प्रक्रिया शुरू है। शीघ्र ही निर्धारित जगहों पर रैन बसेरा बनाया जाएगा।
विंध्याचल के स्थायी रैनबसेरा में लटका है ताला
विंध्याचल। विंध्य धाम में प्रतिदिन मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए हजारों दर्शनार्थियों का आवागमन होता है। उनके लिए एक स्थायी रैन बसेरा बनवाया गया है। वहां ताला लटका है। बृहस्पतिवार को रैन बसेरा के बाहर कई लोग बैठकर इंतजार करते रहे कि यह खुलेगा लेकिन रैन बसेरा खुला ही नहीं।
चौराहों पर ठिठुरते रहे लोग, अलाव नदारद
मिर्जापुर। रमईपट्टी, वासलीगंज, घंटाघर व तहसील तिराहा पर रात 11 बजे तक भीड़ रहती है। बृहस्पतिवार की शाम को ठंड बढ़ी। लोग तिराहे-चौराहे पर ठिठुरते रहे। इस साल अभी तक कहीं भी नगर पालिका की ओर से अलाव नहीं जलवाया गया है।
रिक्शा चालकों व दिहाड़ी करने वालों के लिए रैन बसेरा अच्छी जगह थी। समय से बन जाता तो उनका भला हो जाता।
- रिंकू सिंह
अब बिना स्वेटर या गर्म कपड़े के दिन में भी चलना मुश्किल है। ऐसे में रात में यदि कोई आश्रय न मिले तो समस्या हो जाती है। रैन बसेरा बन जाना चाहिए।
- विवेक सिंह
इस समय दिन जल्दी खत्म हो जाता है। भवन निर्माण या इसी प्रकार के अन्य कार्यों में लगे श्रमिकों को देर हो जाती है। यदि रैन बसेरा बन जाता तो उनको बड़ी सुविधा होती।
- अभिषेक कुमार