विंध्याचल में राष्ट्रवादी मंच के चौपाल में उपस्थित लोग, स्रोत सोशल मीडिया
मिर्जापुर। विंध्य कॉरिडोर के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद विंध्याचल क्षेत्र के कई मोहल्लों में लोग आज भी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। यह आरोप विंध्याचल में सोमवार को आयोजित चौपाल में राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने लगाया।
उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक और राज्य मंत्री होने के बावजूद यह गंभीर समस्या बनी हुई है, जो प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दर्शाती है। कहा कि जब समाज की संघर्ष शक्ति कमजोर पड़ती है तो भ्रष्टाचार, अत्याचार और अनाचार बढ़ते हैं। इसलिए जनता को अपने अधिकारों के लिए स्वयं आगे आना होगा। उन्होंने तरकापुर में 15 बीघा तालाब पाटे जाने और हरसिंहपुर में किसानों की फसल नष्ट होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब किसानों ने धरना दिया तो प्रशासन को झुकना पड़ा और मुआवजा देना पड़ा। यह जनता की एकजुटता का प्रमाण है। अरुण मिश्र ने कहा कि जिले के पिछड़ेपन के लिए जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। बाहरी लोग यहां आकर लाभ उठा रहे हैं, जबकि स्थानीय जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। अनिल गुप्ता, नगर अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, मनोज दमकल, राजेश सिन्हा, देवता मिश्रा, दीपक श्रीवास्तव, गुलशन पाठक सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।