मिर्जापुर। पौधरोपण के नाम पर जिले में वन विभाग समेत अन्य विभागों को मिलाकर प्रतिवर्ष लाखो की संख्या में पौधे रोपे जा रहे हैं। लेकिन अधिकांश पौधे दूसरा सीजन आते-आते धरा से गायब हो जा रहे। अधिकांश आफिस, कार्यालय परिसर में रख-रखाव के अभाव में शायद ही दो, चार पौधे सुरक्षित दिख जाएं। जबकि ऐसे पौधो के रख-रखाव व वितरण के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों का बजट पानी की तरह बहाया जा रहा। बावजूद इसके धरती से हरियाली गायब है।
इस वर्ष एक जुलाई से सात जुलाई के मध्य जिले में आयोजित वन महोत्सव के लिए 50 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित है। जिसमें 22 लाख पौधे आठ रेंज में वन विभाग की ओर से रोपे जाएंगे। शेष 28 लाख पौधे अन्य विभागों की ओर से रोपे जाएंगे। वन विभाग भले ही नर्सरियों से लेकर गड्ढा खोदाई में जुटा हुआ है। लेकिन अन्य विभागों में इसे लेकर अबतक कोई तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं। जबकि बरसात का मौसम सिर पर है। सीजन के दौरान आनन-फानन में तत्काल गड्ढे खोदकर पौधरोपण कर अखबारो की कटिंग कर उसका फोटो ह्वाट्सएप ग्रुप पर डाल सिर्फ कोरम पूरा कर दिया जाता है। रोपे गए पौधों के रख-रखाव पर कई विभाग न तो खुद सजग हैं और न ही दूसरों को सजग कर रहे हैं।