फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईद ए मिलादुन्नबी पर हुआ मिलाद शरीफ का आयोजन

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिले में हजरत मुहम्मद साहब की जयंती का पर्व ईद ए मिलादुन्नबी हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया गया। हालांकि कोविड- 19 के चलते इस पर्व पर भी प्रतिबंधों का साया रहा। लेकिन श्रद्धालुओं ने अपने घरों में रोशनी कर व मिलाद शरीफ का आयोजन का अमन व चैन की दुआ मांगी।
विज्ञापन

घरों में सुबह से ही कुरान पाक की तिलावत की गई। अधिकांश जगहों पर मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के चलते अधिकतर आयोजनों में घर के सदस्य ही केवल सम्मिलित हुए। मौलानाओं ने आनलाइन तकरीरें की। लोगों को दीन की राह पर चलने की सलाह दी गई। कहा गया कि मानवता का सदैव पालन करें। वासलीगंज, घंटाघर, मुकेरी बाजार, नारघाट, गैबीघाट, स्टेशन रोड, इमामबाड़ा आदि जगहों पर बिजली की झालरों व ट्यूबलाइट से घरों को प्रकाशित किया गया। कहीं- कहीं झालर व फूलों से पूरे रास्ते को सजाया गया था। लोगों ने एक दूसरे को पर्व की मुबारकबाद दी।
बच्चों ने लहराए झंडे
मिर्जापुर। किसी भी स्थान पर मेला अथवा इस तरह का आयोजन न होने से बच्चे मायूस रहे। उन्होंने झंडा लहराकर और दौड़भाग कर ही पर्व मना लिया। दिन भर बच्चों का आवागमन होता रहा। घरों में बने पकवानों की खुशबू भी उनको नहीं रोक पा रही थी। वे दौड़कर यह तसल्ली करना चाह रहे थे कि कहीं मेला तो नहीं लगा है। बड़े बुजुर्गों ने उनको आशीर्वाद दिया और मुहम्मद साहब की शिक्षाओं की जानकारी दी।
विज्ञापन

नहीं निकला जुलूसे मोहम्मदी
मिर्जापुर। कोविड- 19 के चलते इस वर्ष परंपरागत रूप से निकलने वाला जुलूूसे मोहम्मदी इस बार नहीं निकला। प्रशासन ने पहले ही धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर शासन की गाइड लाइन की उनको जानकारी दी थी। इस पर सभी धर्मगुरुओं ने स्थिति को समझते हुए जुलूसे मोहम्मदी न निकालने की बात कही थी। जुलूसे मोहम्मदी जश्ने ईद ए मिलादुन्नबी पर्व का एक बड़ा आकर्षण होता था। इसमें नगर की कई अंजुमनें इमामबाड़ा पर इकट्ठा होती थी। वहां से वे जुलूस की शक्ल में नगर का भ्रमण करते थे। इस जुलूस का जगह जगह स्वागत कर जुलूस में शामिल लोगों को शीतल पेय व अन्य चीजों का वितरण किया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें