मिर्जापुर। जिन लोगों का नाम आयुष्मान भारत योजना में था, पर वो दूसरे प्रदेश में होने के कारण गोल्डेन कार्ड नहीं बनवा सके थे। कोरोना संक्रमण के चलते घर पर लौटे उन प्रवासियों का गोल्डेन कार्ड बनवाया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख का तक का इलाज नि:शुल्क है। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों को भी शामिल किय गया है।
आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम सूचना प्रबंधक राहुल मिश्र ने बताया कि शासन से विभाग को लगभग 300 अधिक लाभार्थियों की सूची भेजी गई है। जिनका आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। बताया कि आयुष्मान भारत योजना में अभी नए नाम नहीं जोड़े जा रहे। पूर्व में शासन से जारी सूची में जिन लोगों का गोल्डेन कार्ड नहीं बना है। उनका ही कार्ड बनाया जा रहा है। जो लोग काम के सिलसिले में बाहर गए थे। उनका आयुष्मान भारत योजना में नाम था, पर बाहर होने के कारण गोल्डेन कार्ड नहीं बन सका था। कोरोना संक्रमण के चलते वे वापस लौटे हैं। उन लोगों का गोल्डेन कार्ड बनाया जा रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी तिवारी ने बताया कि इस समय जनपद के 36 निजी चिकित्सालयों व 54 सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्ड बनाने व उपचार की सुविधायें दी जा रही है। अभी तक जिले के सभी निजी व राजकीय अस्पतालों में तीन हजार 208 मरीजों का उपचार किया गया।