मिर्जापुर। अनुमान से ज्यादा तापमान में वृद्धि होने से किसानों और कृषि विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। तेज धूप के साथ तेज हवाएं चलने से गेहूं समेत अन्य फसलों पर संकट मंडराने लगा है। मौसम का मिजाज यही रहा तो फसलों के पैदावार पर असर पड़ सकता है।
रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पिछले पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल तापमान सबसे ज्यादा है। 16 फरवरी 2024 को अधिकतम तापमान 26 डिग्री, न्यूनतम तापमान 14 डिग्री था। 2023 में अधिकतम 27 और न्यूनतम 11 डिग्री था। 2022 में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके पहले वर्ष 2021 में अधिकतम 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया था।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया गेहूं फसल के लिए अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्यिस होनी चाहिए। फरवरी महीने में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इस तरह का तापमान फसलों की सेहत के लिए ठीक नहीं है।
इससे फसलों की पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया तेज धूप के साथ हवाएं भी चल रही है। ऐसे किसान गेहूं फसल की सिंचाई करने के बजाय सिर्फ खेतों में नमी बनाए रखें। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह ने बताया कि कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहेगा। वहीं, सात से 15 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है। ऐसे में किसान अपनी फसलों की सिंचाई करें।