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Mirzapur News: तीन दिनों की बारिश से पांच डिग्री गिरा पारा, पांच सड़कों पर जलभराव

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रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्कापोखरा में गड्ढायुक्त  सड़क पर जल भराव।-संवाद। - फोटो : 1
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मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिन भी मौसम खराब रहने के आसार जताए हैं
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मिर्जापुर। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से तापमान पांच डिग्री गिर गया। वहीं, कई सड़कों पर जलभराव से राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश और तेज हवा से खेतों में धान की खड़ी फसल गिर गई।
किसानों को पैदावार घटने और मेहनत पर पानी फिरने की चिंता सता रही है। दूसरी ओर, गड्ढों में तब्दील सड़कें जलभराव और कीचड़ से राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई हैं। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिन भी मौसम खराब रहने के आसार जताए हैं।
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शेरवां के जयपट्टी गांव में किसान राजेश सिंह की करीब एक एकड़ अगैती धान की तैयार फसल बारिश और हवा से खेत में गिर गई। अदलहाट क्षेत्र में भी कई जगह धान और चरी की फसलें जमींदोज हो गईं। सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

गड्ढों में सड़क तलाशते रहे राहगीर

बारिश ने सड़कों की बदहाली भी उजागर कर दी। विकास भवन के सामने सड़क के किनारे, गांधीघाट के सामने मिर्जापुर-लालगंज मार्ग पर पुराने लोहंदीपुल पर पानी भरा रहा। पक्कापोखरा, वीरशाहपुर-मिर्जापुर और रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा रहा। सड़क के गड्ढे पानी में डूब जाने से राहगीरों और स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। पड़री-चंडिका, भरपुरा-पहाड़ा, टेढ़ा और पड़री-दाढ़ीराम संपर्क मार्गों की हालत भी खराब रही।

जलनिकासी न होने से बाजार में भी संकट

चेतगंज बाजार में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से मिर्जापुर-गोपीगंज मार्ग पर पानी भर गया। सीखड़ के खैरा बाजार में भी मार्ग पर जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा। लगातार बारिश से पशुपालक चारे के लिए परेशान हैं, वहीं कच्चे मकानों पर भी खतरा बढ़ गया है। तेज हवा से कई जगह पेड़ गिरने की भी सूचना है।

इनसेट

बारिश के साथ 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले दो-तीन दिनों तक मध्यम बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने किसानों को फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और नमी से धान के पौधे गिर सकते हैं। खेत में पानी जमा न होने दें और नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक की अतिरिक्त मात्रा देने से बचें।

मिर्च-सब्जियों पर भी असर: बारिश और तेज हवा से मिर्च के फूल झड़ सकते हैं। कद्दूवर्गीय फसलों की बेलों और फलों को सहारा देने के साथ कमजोर मचान मजबूत करें। गिरे व सड़े फल-पत्तियां खेत से बाहर निकालें। दुधारू पशुओं को गीली जमीन पर न बैठने दें। पशुशाला को सूखा रखें और सड़ा या भीगा चारा न खिलाएं।
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पिछले तीन दिनों का जिले में तापमान

दिनांक
अधिकतम तापमान
न्यूनतम तापमान
23 सितंबर 2026
30
26
24 सितंबर 2026
26
23
25 सितंबर 2026
25
24

कहां कितनी बारिश हुई

तहसील
बारिश
सदर
20 एमएम
चुनार
05 एमएम
मड़िहान
07 एमएम
लालगंज
05 एमएम

कोट

“बारिश से फसलों के नुकसान की इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है।”

विकेश कुमार सिंह पटेल, उप कृषि निदेशक

रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्कापोखरा में गड्ढायुक्त  सड़क पर जल भराव।-संवाद।- फोटो : 1

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