मिर्जापुर। सिटी विकास खंड के पिपराडाड़ स्थित कृषि भवन, सभागार में द मिलियन फार्मर्स स्कूल (किसान पाठशाला) का एक दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ शनिवार को सीडीओ प्रियंका निरंजन ने किया। सीडीओ ने कहा कि किसान पाठशाला एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिसके माध्यम से कृषकों को खेती के नई-नई तकनीक के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा इसके माध्यम से कृषि विभाग के कर्मियों को भी नई तकनीकी के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा किसान पाठशाला किसानों की गरीबी दूर करने एवं उनकी आय दोगुनी करने की अत्यधिक कारगर योजना है। उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय प्रशिक्षण के दौरान बताया कि जनपद में कुल 80 न्याय पंचायत में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया है। कृषि विभाग के समस्त क्षेत्रीय कर्मचारी इस कार्यक्रम में लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिसका प्रथम चरण 21 से 24 अक्तूबर तक एवं द्वितीय चरण चार से सात नवंबर तीन बजे से साढ़े चार बजे तक आयोजित किया जाएगा। उप कृषि निदेशक ने कहा किसान भाई अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति एवं वातावरण के अनुसार ही बीज का चयन करें। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के बजाए जैविक विधि से खेती करने पर जोर दिया। प्रशिक्षक के रूप में काशी हिंदू विश्व विद्यालय कृषि विज्ञान केंद्र, बरकछा के वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह की ओर से सभी कार्मिकों को बीज शोधन करने की नई तकनीक का सजीव प्रदर्शन करते हुए विस्तार से जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान, उप निदेशक कृषि रक्षा डॉ. सतीश मलिक ने कृषि निवेश, बीज, खाद, एवं कीटनाशक के बारे में विस्तार बताया वहीं इफकों से आए अधिकारी की ओर से पीओएस मशीन का प्रदर्शन कर सभी कार्मिकों को प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण के अंत में उप कृषि निदेशक अशोक उपाध्याय की ओर से प्रशिक्षण में आए अतिथि, अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र त्रिपाठी उर्फ लल्लू तिवारी ने की।