संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। चुनार थाना क्षेत्र के बेला गांव में चार वर्ष पहले विकास सिंह की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संंतोष कुमार गौतम ने प्रतीक सिंह और हिमांशू उर्फ पांचू को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 26-26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
चुनार थाना क्षेत्र के बगही निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने सात अगस्त 2022 को तहरीर देकर बताया कि शाम बेटा पवन सिंह और विकास सिंह बाइक से परसोधा से बगही जा रहे थे।
बेला गांव के हनुमान मंदिर के पास हिमांशु, प्रतीक और प्रधानपति पवन सिंह निवासी बेला चुनार ने उसके पुत्र की बाइक को रोकी और गाली देने लगे। मना करने पर पवन सिंह ने विकास सिंह को लाठी-डंडे से पटा। बचाने आए पुत्र पवन सिंह को गंभीर चोटें आई हैं।
हमले में घायल विकास सिंह की मौके पर मौत हो गई। पवन सिंह को गंभीर चोट लगी। अस्पताल में उसे गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया। तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेजा। इसके बाद विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में गवाहों के बयान और साक्ष्य कोर्ट में पेश किए गए।
आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अपील की। बताया कि विकास सिंह की जिस तरह से हत्या की गई वह जो जघन्यतम अपराध की श्रेणी में आता है। गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार अपर जिला व सत्र न्यायाधीश संंतोष कुमार गौतम ने दोषी पाए जाने पर प्रतीक सिंह और हिमांशू उर्फ पांचू को आजीवन कारावास की सजा सुनाया।