मिर्जापुर। जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह इंजेक्शन लगने के बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर शहर कोतवाल और सीएमएस मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने की शिकायत की है। सीएमएस ने इंजेक्शन की जांच कराकर क्लेम कराने की बात कही।
जिगना थाना क्षेत्र के अरंगी सरपति गांव निवासी शिल्पी (23) पत्नी अश्वनी कुमार एक मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराई गई। जहां आपरेशन के बाद उसे पुत्र हुआ। बृहस्पतिवार की सुबह इंजेक्शन लगने के बाद अचानक उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया जो इंजेक्शन से मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि एक इंजेक्शन लगने के बाद उसे घबराहट हुई और फिर मौत हो गई। वार्ड में भर्ती तरकापुर मोहल्ला निवासी मो. शाहिद ने बताया कि उसकी पत्नी सोनी बानो को भी इंजेक्शन लगने के बाद बेचैनी हुई। वार्ड के स्टाफ ने बताया कि एंटीबायोटिक, दर्द और गैस का इंजेक्शन प्रतिदिन की तरह लगाया गया था। परिजनों की शिकायत पर सीएमएस डॉ. संजय पांडेय, शहर कोतवाल अरविंद मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस के समझाने पर परिजन सीएमएस को शिकायती पत्र देकर गए।